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ठेके के विरोध में छोटे बच्चों ने की नारेबाजी
Updated Mon, 06 Nov 2017 10:23 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
आबादी और स्कूल जोन के बीच खोले गए अंग्रेजी शराब के ठेके के विरोध में क्षेत्रवासियों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर हाथ में विरोध के स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर महिलाओं के साथ छोटे छोटे बच्चे भी पहुंचे। एक स्वर में सबने शराब के ठेके को हटाने को लेकर आवाज बुलंद की।
गांव जगजीतपुर में खोले गए अंग्रेजी शराब के ठेके का विरोध पहले ही दिन से चल रहा है। आबादी और स्कूली जोन में ठेका खोलने को लेकर आमजनों में बेहद ही आक्रोश है। मातृ सदन संस्था के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद, शिवडेल स्कूल के प्रबंधक स्वामी शरदपुरी से लेकर कई संस्थाओं के पदाधिकारियों ने पहुंचकर विरोध दर्ज कराया है। लेकिन आबकारी विभाग ने शिकायत अनसुनी कर रखी है। सोमवार को भी ठेके के ठीक सामने क्षेत्र की महिलाएं, पुरुष और बच्चे भारी संख्या में धरनास्थल पर एकत्र हुए।
एक स्वर में सबने जिला प्रशासन, आबकारी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि राजस्व की खातिर जनभावनाओं का भी गला घोंट दिया गया है। विधायक आदेश चौहान के भी समर्थन में न पहुंचने की टीस भी क्षेत्रवासियाें के चेहरों पर दिखाई दी।
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वक्ताओं ने कहा कि स्कूली क्षेत्र में ठेका खोलना सरासर गलत है। छात्र छात्राओं पर इसका बुरा असर पड़ना तय है। दिन भर छोटे। छोटे बच्चे भी अपनी माताओं के साथ धरने पर बैठकर शराब के विरोध में नारे लगाते रहे।
डीएम को नहीं सुनाई दे रही आवाज
हरिद्वारा। वैसे तो डीएम दीपक रावत छोटी- छोटी शिकायतों पर एक्टिव रहते हैं, लेकिन शराब के ठेके को लेकर उठाई जा रही आमजन की आवाज उन्हें सुनाई नहीं दी रही है। धरनास्थल पर मौजूद आमजन बोलते दिखे कि डीएम साहब से उन्हें उम्मीद थी लेकिन उन्होंने भी उनकी शिकायत पर संज्ञान लेना जरूरी नहीं समझा।
राजस्व की खातिर जनभावनाएं ताक पर
लक्सर मार्ग पर खोले गए शराब के ठेके का विरोध पहले दिन से हो रहा था। यही कारण है कि छह माह से ठेका नहीं खुल सका था। कई बार ठेका खोलने की कोशिश हुई लेकिन परवान नहीं चढ़ सकी। जनभावनाओं की हमेशा से ही जीत हुई थी लेकिन इस बार जनभावनाओ को राजस्व की खातिर ताक पर रख दिया गया है। जनप्रतिनिधि गायब हैं। जिन्हें आमजन ने ताकत सौंपी है। जिला प्रशासन, आबकारी विभाग राजस्व की खातिर चुप्पी साधे हुए है।
हरिद्वार।
आबादी और स्कूल जोन के बीच खोले गए अंग्रेजी शराब के ठेके के विरोध में क्षेत्रवासियों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर हाथ में विरोध के स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर महिलाओं के साथ छोटे छोटे बच्चे भी पहुंचे। एक स्वर में सबने शराब के ठेके को हटाने को लेकर आवाज बुलंद की।
गांव जगजीतपुर में खोले गए अंग्रेजी शराब के ठेके का विरोध पहले ही दिन से चल रहा है। आबादी और स्कूली जोन में ठेका खोलने को लेकर आमजनों में बेहद ही आक्रोश है। मातृ सदन संस्था के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद, शिवडेल स्कूल के प्रबंधक स्वामी शरदपुरी से लेकर कई संस्थाओं के पदाधिकारियों ने पहुंचकर विरोध दर्ज कराया है। लेकिन आबकारी विभाग ने शिकायत अनसुनी कर रखी है। सोमवार को भी ठेके के ठीक सामने क्षेत्र की महिलाएं, पुरुष और बच्चे भारी संख्या में धरनास्थल पर एकत्र हुए।
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एक स्वर में सबने जिला प्रशासन, आबकारी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि राजस्व की खातिर जनभावनाओं का भी गला घोंट दिया गया है। विधायक आदेश चौहान के भी समर्थन में न पहुंचने की टीस भी क्षेत्रवासियाें के चेहरों पर दिखाई दी।
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वक्ताओं ने कहा कि स्कूली क्षेत्र में ठेका खोलना सरासर गलत है। छात्र छात्राओं पर इसका बुरा असर पड़ना तय है। दिन भर छोटे। छोटे बच्चे भी अपनी माताओं के साथ धरने पर बैठकर शराब के विरोध में नारे लगाते रहे।
डीएम को नहीं सुनाई दे रही आवाज
हरिद्वारा। वैसे तो डीएम दीपक रावत छोटी- छोटी शिकायतों पर एक्टिव रहते हैं, लेकिन शराब के ठेके को लेकर उठाई जा रही आमजन की आवाज उन्हें सुनाई नहीं दी रही है। धरनास्थल पर मौजूद आमजन बोलते दिखे कि डीएम साहब से उन्हें उम्मीद थी लेकिन उन्होंने भी उनकी शिकायत पर संज्ञान लेना जरूरी नहीं समझा।
राजस्व की खातिर जनभावनाएं ताक पर
लक्सर मार्ग पर खोले गए शराब के ठेके का विरोध पहले दिन से हो रहा था। यही कारण है कि छह माह से ठेका नहीं खुल सका था। कई बार ठेका खोलने की कोशिश हुई लेकिन परवान नहीं चढ़ सकी। जनभावनाओं की हमेशा से ही जीत हुई थी लेकिन इस बार जनभावनाओ को राजस्व की खातिर ताक पर रख दिया गया है। जनप्रतिनिधि गायब हैं। जिन्हें आमजन ने ताकत सौंपी है। जिला प्रशासन, आबकारी विभाग राजस्व की खातिर चुप्पी साधे हुए है।