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वार्ता के बाद माने ग्रामीण तोड़ा आमरण अनशन
Updated Tue, 10 Oct 2017 10:35 PM IST
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श्रीनगर। तहसील प्रशासन व जल संस्थान के अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद विकासखंड कीर्तिनगर के मालूपाणी के ग्रामीणों का पांच दिनों से जारी आमरण अनशन समाप्त हो गया है।
विकासखंड कीर्तिनगर के मालूपाणी के ग्रामीणों के लिए बनी पेयजल योजना का जलसंस्थान पुनर्गठन का कार्य शुरू कर रहा था। इस बीच गांव के कुछ परिवार प्राकृतिक जल स्रोत को बचाने लिए आमरण अनशन पर बैठ गए थे। ग्रामीणों का कहना था कि मुख्य मार्ग पर मालूपाणी के इस प्राकृतिक जल स्रोत से जहां चारधाम पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों की प्यास बुझती है, वही ग्रामीणों की कृषि भूमि भी सिंचित होती है। सोमवार देर रात को अनशन के पांचवें दिन धरना स्थल पर वार्ता के लिए पहुंचे तहसीलदार यशवीर सिंह, जल संस्थान के अधिकारियों व स्थानीय ग्रामीणों के समझाने पर प्रताप सिंह मियां व दिनेश प्रसाद लखेड़ा ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। अनशनकारी इस बात पर सहमत हुए की प्राकृतिक जल स्रोत के पानी का उपयोग परिवारों की जरूरत के अनुरूप किया जाएगा। साथ ही योजना का निर्माण दिनेश प्रसाद लखेड़ा के घर से होते हुए पटवारी चौकी तक करवाया जाएगा। इस मौके पर जल संस्थान के अधिकारी व पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी आदि मौजूद थे।
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विकासखंड कीर्तिनगर के मालूपाणी के ग्रामीणों के लिए बनी पेयजल योजना का जलसंस्थान पुनर्गठन का कार्य शुरू कर रहा था। इस बीच गांव के कुछ परिवार प्राकृतिक जल स्रोत को बचाने लिए आमरण अनशन पर बैठ गए थे। ग्रामीणों का कहना था कि मुख्य मार्ग पर मालूपाणी के इस प्राकृतिक जल स्रोत से जहां चारधाम पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों की प्यास बुझती है, वही ग्रामीणों की कृषि भूमि भी सिंचित होती है। सोमवार देर रात को अनशन के पांचवें दिन धरना स्थल पर वार्ता के लिए पहुंचे तहसीलदार यशवीर सिंह, जल संस्थान के अधिकारियों व स्थानीय ग्रामीणों के समझाने पर प्रताप सिंह मियां व दिनेश प्रसाद लखेड़ा ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। अनशनकारी इस बात पर सहमत हुए की प्राकृतिक जल स्रोत के पानी का उपयोग परिवारों की जरूरत के अनुरूप किया जाएगा। साथ ही योजना का निर्माण दिनेश प्रसाद लखेड़ा के घर से होते हुए पटवारी चौकी तक करवाया जाएगा। इस मौके पर जल संस्थान के अधिकारी व पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी आदि मौजूद थे।
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