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भक्तों ने ही गंगा घाटों को घोबीघाट बनाया दिया है
Updated Wed, 04 Oct 2017 09:35 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हरकी पैड़ी क्षेत्र के पवित्र गंगाघाटों को भक्तों ने ही धोबीघाट बना दिया है। गंगाघाटों पर सुबह से शाम तक गंगा की अविरलधारा से लेकर गंगाबंदी से घाटों पर ठहरे हुए पानी में गंगा भक्त तन के साथ कपड़ों का मैल भी धो रहे हैं। इन गंगा भक्तों को दूर-दूर तक कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है।
पूर्वांचल के देहातों से आए श्रद्धालु रुके हुए जल में डुबकी भी लगा रहे हैं और कपड़े भी धो और सूखा रहे हैं। पंतद्वीप पार्किंग की तरफ गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगी लोहे की रैलिंगों का उपयोग गंगा में धोए गए कपड़ों को सूखाने में किया जा रहा है। इस समय बड़ी संख्या में पूर्वांचल के पीत वस्त्रधारी श्रद्धालुओं की क्षेत्र में भीड़ है। बसों को लेकर आए ये लोग पंतद्वीप क्षेत्र में ही नहाने- धोने के साथ खाना-पीना कर रहे हैं। सूखते पीले वस्त्रों ने पूरी रैलिंग भरी हुई हैं। भीमगोडा की ओर कांगड़ा घाट क्षेत्र का भी बहुत ही बुरा हाल है। इस क्षेत्र में भागीरथी गंगा की अविरलधारा को दूषित किया जा रहा है। दूषित जल ही हर की पैड़ी पहुंच रहा है। हर की पैड़ी से मायापुर तक के सभी गंगाघाटों पर यह सिलसिला देखा जा सकता है। गंगा किनारे की झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के कुछ लोग तो मछली पकड़ने गड्ढों में भरे पानी से बाहर निकालते मिल जाएंगे। पुराने सप्लाई चैनल तथा हाईवे के बीच के हिस्से में तो महिलाएं कपड़े, धोते और बच्चे मछली पकड़ते दिख जाते हैं। कहने के लिए हरिद्वार में गंगा को प्रदूषित करने से रोकने तथा कार्रवाई के लिए जल पुलिस तैनात है, लेकिन वह भी मौके पर नहीं रहते हैं। त्योहारों में गंगाबंदी पर अपनी आस्था हिलने के नाम पर विरोध करना भी एक रस्मी नाटक बन चुका है जो हर साल होता है।
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