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वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को याद किया गया
Updated Mon, 02 Oct 2017 02:03 AM IST
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वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को भारत रत्न देने की मांग
-- पेशावर कांड के महानायक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
पेशावर कांड के महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित की गई। विभिन्न स्थानों पर आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को भारत रत्न देने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। गढ़वाल महासभा की ओर से प्रदेश कार्यालय में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजे सिंह नेगी ने कहा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली भारतीय इतिहास में पेशावर कांड के महानायक के रूप में जाने जाते हैं। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली ने अंग्रेजी हुकूमत द्वारा भारत की आजादी के लिए लड़ रहे निहत्थे पठानों पर गोली चलाने के फरमान को दरकिनार कर दिया था, जिसके बाद से उन्हें पेशावर कांड का महानायक कहा जाता है। मौके पर जनार्दन केरवान, उत्तम असवाल, जयराम सेमवाल, बलराम सिंह, अंकित नैथानी, राजा ढिंगरा, आशुतोष कुड़ियाल और मनोज नेगी मौजूद रहे।
उधर, उत्तराखंड विकास पार्टी की ओर से तपोवन में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को श्रद्धासुमन अर्पित की गई। वक्ताओं ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को भारत रत्न का हकदार बताया। कहा कि अगर वह 1951 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ने से इंकार नहीं करते तो उन्हें भारत रत्न मिल चुका होता। राजनीतिक पकड़ और क्षेत्र से वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के लिए भारत रत्न देने की आवाज न उठने के कारण उन्हें भारत रत्न नहीं मिल पाया है। आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की उपेक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के नाम पर योजनाओं की शुरूआत करने की मांग की है। मौके पर संजय बूडाकोटी, नरेंद्र सिंह नेगी, पूरण सिंह भंडारी, भारत सिंह चौहान, रोहित कुमार, अखिलेश जोशी, यशपाल भंडारी, चिंतामणि नैथानी, राजपाल रावत, जगत पुंडीर रहे।
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-- पेशावर कांड के महानायक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
पेशावर कांड के महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित की गई। विभिन्न स्थानों पर आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को भारत रत्न देने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। गढ़वाल महासभा की ओर से प्रदेश कार्यालय में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजे सिंह नेगी ने कहा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली भारतीय इतिहास में पेशावर कांड के महानायक के रूप में जाने जाते हैं। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली ने अंग्रेजी हुकूमत द्वारा भारत की आजादी के लिए लड़ रहे निहत्थे पठानों पर गोली चलाने के फरमान को दरकिनार कर दिया था, जिसके बाद से उन्हें पेशावर कांड का महानायक कहा जाता है। मौके पर जनार्दन केरवान, उत्तम असवाल, जयराम सेमवाल, बलराम सिंह, अंकित नैथानी, राजा ढिंगरा, आशुतोष कुड़ियाल और मनोज नेगी मौजूद रहे।
उधर, उत्तराखंड विकास पार्टी की ओर से तपोवन में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को श्रद्धासुमन अर्पित की गई। वक्ताओं ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को भारत रत्न का हकदार बताया। कहा कि अगर वह 1951 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ने से इंकार नहीं करते तो उन्हें भारत रत्न मिल चुका होता। राजनीतिक पकड़ और क्षेत्र से वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के लिए भारत रत्न देने की आवाज न उठने के कारण उन्हें भारत रत्न नहीं मिल पाया है। आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की उपेक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के नाम पर योजनाओं की शुरूआत करने की मांग की है। मौके पर संजय बूडाकोटी, नरेंद्र सिंह नेगी, पूरण सिंह भंडारी, भारत सिंह चौहान, रोहित कुमार, अखिलेश जोशी, यशपाल भंडारी, चिंतामणि नैथानी, राजपाल रावत, जगत पुंडीर रहे।
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