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हरिद्वार में हनुमान जी ने लगाई रावण की लंका में आग
Updated Thu, 28 Sep 2017 10:35 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
बुधवार को अधिकांश लीलाओं में राम भक्त हनुमान ने रावण की लंका में आग लगाई और उसके बेटे अक्षय कुमार का वध भी किया।
श्रीरामलीला कमेटी के रंगमंच पर बुधवार रात हनुमान- रावण संवाद एवं लंका दहन की लीला का मंचन कर समाज को संदेश दिया कि अत्याचार अधिक दिन नहीं चलते हैं। दूसरे का दिल दुखाकर अर्जित की गई संपत्ति स्वयं के साथ पूर्व में संचित संपत्ति एवं परिवार को भी समाप्त कर देती है। भगवान राम ने हनुमान को सीता माता की सुध लेने के लिए भेजा। जहां हनुमान ने अशोक वाटिका में फल खाए साथ ही अक्षय कुमार का वध किया। मेघनाथ हनुमान को पकड़ अपने पिता रावण के सम्मुख लेकर आया। जहां से हनुमान ने पूंछ में आग लगाकर लंका में आग लगा दी और वापस रामदल में पहुंच गए। साहिल मोदी (राम), सुनील शर्मा (लक्ष्मण), अरुण वर्मा (हनुमान), मोहित गिरी (सीता), पवन खैरवाल (मेघनाथ) के अभिनय का सबने सराहा। महामंत्री कृष्णमूर्ति भट्ट, मुख्य दिग्दर्शक महाराजकृष्ण सेठ, भगवत शर्मा, सुनील भसीन, वीरेंद्र चड्ढा, डा. संदीप कपूर, रविकांत अग्रवाल, रविंद्र अग्रवाल, राकेश गोयल आदि ने सहयोग किया।
भीमगोड़ा में कोई नहीं उठा पाया अंगद का पांव
हरिद्वार। भीमगोड़ा में श्रीराम नाट्य संस्थान की ओर से आयोजित रामलीला ग्राउंड में विभीषण शरणार्थी, रामेश्वर पूजा और रावण अंगद संवाद के दृश्यों का मंचन किया गया। लीला का शुभारंभ पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी और निर्धन निकेतन के परमाध्यक्ष रामकृष्ण महाराज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
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पहला दृश्य विभीषण शरणार्थी का दिखाया गया। जब विभीषण अपने भाई रावण के अत्याचारों को देखते हुए भगवान श्रीराम की शरण में जा पहुंचा। रामदल ने नल नील की मदद से समुद्र पर पुल बनाया। इसके लिए रावण को ही रामेश्वर पूजा के लिए बुलाया गया। रावण ने रामदल की पूजा अर्चना कराई। भगवान राम ने किष्किंधा युवराज अंगद को दूत बनाकर लंका भेजा। जहां अंगद ने राम भक्ति का परिचय दिखाते हुए अपना पांव जमाया। लंका में कोई अंगद का पांव न हिला सका। जयंत गोस्वामी (राम) वरुण गोस्वामी (लक्ष्मण), रणधीर गिरी (हनुमान) हरीश जोशी कन्नू (अंगद), सुमित मोहन काकू (रावण) का अभिनय किया। सहायक डायरेक्टर हरीश भट्ट ने बताया कि शुक्रवार को कुंभकरण वध, मेघनाथ वध और सलोचना सती का दृश्य मंचित किया गया। डायरेक्टर लखन लाल चौहान, प्रमोद, पवन कुमार, हरिमोहन वर्मा, प्रशांत शर्मा, नवीन कुमार, याज्ञिक वर्मा, विवेक शर्मा, दिग्विजय चौहान आदि उपस्थित रहे। उधर मुखियागली में बाली वध का मंचन किया गया।
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