{"_id":"59c9357e4f1c1b6d548b4596","slug":"15063586944-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के दो एचओडी ने बोला अलविदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के दो एचओडी ने बोला अलविदा
Updated Mon, 25 Sep 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। एक ओर राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य पद पर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। वहीं, दूसरी ओर इस असमंजस की स्थिति में प्रभारी विभागाध्यक्ष के पद पर तैनात कॉलेज की दो फैकल्टी (संकाय सदस्य) ने अलविदा कह दिया है।
दरअसल श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पीएमआर (फिजीकल मेडिसिन एंड रिहेबिलेटेशन) विभाग के प्रभारी एचओडी सहायक प्रोफेसर डा. अभिषेक चौधरी और मनोचिकित्सा विभाग के प्रभारी एचओडी सहायक प्रोफेसर डा. प्रेम सिंह बघेल का दो साल का अनुबंध इसी सितंबर माह में खत्म हो रहा है। दोनों फैकल्टी ने अनुबंध बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं किया। सितंबर माह समाप्त होने से पूर्व दोनो ही कॉलेज से चले जाएंगे। डा. बघेल को कॉलेज में 4 साल हो गए। जबकि डा. चौधरी ने दो साल पूर्व 28 सितंबर को ज्वाइन किया था। दिक्कत यह है कि दोनों फैकल्टी अस्पताल के क्लीनिकल विभाग से संबंधित हैं। उनके जाने से कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल की ओपीडी पर असर पड़ेगा। सबसे खराब स्थिति मनोविज्ञान विभाग की होने जा रही है। मनोचिकित्सा के एकमात्र सहायक प्रोफेसर के जाने के बाद यहां ताला लगना तय है। वहीं कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत गत 12 सितंबर को पद से त्यागपत्र देते हुए अवकाश पर चले गए थे। शासन की ओर से अभी तक उनके त्यागपत्र के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
..............
क्या कहते है......
>> मेरा चयन अहमदाबाद के निजी चिकित्सा संस्थान में स्पोर्ट्स मेडिसिन के एचओडी के तौर पर हुआ है। इसलिए मैंने एक्सटेंशन नहीं लिया। डा. अभिषेक चौधरी, प्रभारी एचओडी पीएमआर विभाग
विज्ञापन
>> मैं स्वेच्छा से कॉलेज छोड़कर जा रहा हूं। डा. प्रेम सिंह बघेल, प्रभारी एचओडी मनोचिकित्सा विभाग
विज्ञापन
दरअसल श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पीएमआर (फिजीकल मेडिसिन एंड रिहेबिलेटेशन) विभाग के प्रभारी एचओडी सहायक प्रोफेसर डा. अभिषेक चौधरी और मनोचिकित्सा विभाग के प्रभारी एचओडी सहायक प्रोफेसर डा. प्रेम सिंह बघेल का दो साल का अनुबंध इसी सितंबर माह में खत्म हो रहा है। दोनों फैकल्टी ने अनुबंध बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं किया। सितंबर माह समाप्त होने से पूर्व दोनो ही कॉलेज से चले जाएंगे। डा. बघेल को कॉलेज में 4 साल हो गए। जबकि डा. चौधरी ने दो साल पूर्व 28 सितंबर को ज्वाइन किया था। दिक्कत यह है कि दोनों फैकल्टी अस्पताल के क्लीनिकल विभाग से संबंधित हैं। उनके जाने से कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल की ओपीडी पर असर पड़ेगा। सबसे खराब स्थिति मनोविज्ञान विभाग की होने जा रही है। मनोचिकित्सा के एकमात्र सहायक प्रोफेसर के जाने के बाद यहां ताला लगना तय है। वहीं कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत गत 12 सितंबर को पद से त्यागपत्र देते हुए अवकाश पर चले गए थे। शासन की ओर से अभी तक उनके त्यागपत्र के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
विज्ञापन
..............
क्या कहते है......
>> मेरा चयन अहमदाबाद के निजी चिकित्सा संस्थान में स्पोर्ट्स मेडिसिन के एचओडी के तौर पर हुआ है। इसलिए मैंने एक्सटेंशन नहीं लिया। डा. अभिषेक चौधरी, प्रभारी एचओडी पीएमआर विभाग
विज्ञापन
>> मैं स्वेच्छा से कॉलेज छोड़कर जा रहा हूं। डा. प्रेम सिंह बघेल, प्रभारी एचओडी मनोचिकित्सा विभाग