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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को मिले चार विशेषज्ञ चिकित्सक
Updated Tue, 25 Jul 2017 10:34 PM IST
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श्रीनगर। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए राहत की खबर है। कॉलेज को चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय की ओर से 4 विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कॉलेज में एसआर (सीनियर रेजीडेंट) के पद पर तैनाती दी जाएगी। स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग को एक और एसआर मिलने की उम्मीद है। अब विभाग में 6 विशेषज्ञ चिकित्सक हो जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में लंबे समय से फैकल्टी (संकाय सदस्य) सहित एसआर की भारी कमी बनी हुई है। इसका असर अस्पताल की ओपीडी (वाह्य रोगी विभाग) सहित इमरजेंसी वार्ड, डिलीवरी और आईपीडी (अंत:कालीन रोगी विभाग) पर पड़ रहा है।
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कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने बताया कि स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में डा. जीटी रेड्डी, ईएनटी में डा. तुषार शर्मा, सर्जरी में डा. आशीष और नेत्र रोग विभाग में डा. कल्पना कुमार की एसआर पर नियुक्ति की गई है। वहीं, स्त्री रोग विभाग में एक एसआर का इंटरव्यू लिया गया है। उसको भी नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा, जबकि एक एसआर ने एक माह पूर्व ज्वॉइन किया है। उक्त चिकित्सकों की नियुक्ति से बेस अस्पताल में मरीजों की दिक्कतें दूर होंगी।
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वर्कलोड होगा कम
श्रीनगर। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में वर्तमान में एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर, एक सहायक प्रोफेसर और एक एसआर तैनात हैं। अब यहां 6 विशेषज्ञ चिकित्सक हो जाएंगे। नेत्र रोग विभाग में एक सहायक प्रोफेसर और दो एसआर तैनात हैं। अब यहां 4 विशेषज्ञ चिकित्सक हो जाएंगे। ईएनटी (कान-नाक-गला) में एक प्रोफेसर, एक सहायक प्रोफेसर और एक एसआर हैं। यहां भी 4 विशेषज्ञ चिकित्सक हो जाएंगे। वहीं, सर्जरी में वर्तमान में 5 विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। यहां अब 6 विशेषज्ञ चिकित्सक कार्य करेंगे।
मेडिसिन में अभी भी दिक्कत
श्रीनगर। कॉलेज की सबसे बड़ी दिक्कत अभी दूर नहीं हुई है। जनरल मेडिसिन विभाग में डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। जनरल मेडिसिन अस्पताल का प्रमुख अंग माना जाता है। मरीजों की सबसे अधिक भीड़ यहीं होती है। वहीं रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। सीटी स्केन रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है।