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पेयजल निगम की लापरवाही से हो रही पेयजल किल्लत
Updated Tue, 29 May 2018 01:51 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
पेयजल निगम की ओर से जेएनएनयूआरएम योजना के तहत बनाए गए आठ ओवरहेड टैंक में से दो टैंक छह साल बाद शुरू नहीं हो सके है। टैंकों के पास नलकूप न लगाने और सप्लाई के लिए मेन लाइन न बिछाने के कारण ये टैंक शुरू नहीं हो पाए हैं। टैंकों के शुरू न होने से क्षेत्र में रहने वाली हजारों की आबादी को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पेयजल निगम के अफसर बजट न होने की वजह से टैंक शुरू न होने की बात कह रहे हैं।
केंद्र सरकार की जेएनएनयूआरएम योजना के तहत पेयजल निगम की ओर से छह साल पहले शहर में करोड़ों खर्च कर आठ ओवरहेड टैंकों का निर्माण किया गया था। जिनमें से छह टैंकों को निगम की ओर से शुरू कर जल संस्थान को संचालन के लिए हैंडओवर कर दिया गया। लेकिन जाखन स्थित साईं मंदिर के पास और यमुना कॉलोनी में बने टैंक को अब तक शुरू नहीं किया जा सका है। इसकी वजह टैंकों के पास नलकूप न लगाया जाना और सप्लाई के लिए मेन लाइन न बिछाया जाना है। जबकि टैंकों के निर्माण के दौरान जल संस्थान ने निगम को नलकूप लगाने का सुझाव दिया था। टैंकों के शुरू न होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। वहीं, पेयजल निगम के एमडी भजन सिंह का कहना है कि शहर में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंकों का निर्माण जेएनएनयूआरएम योजना के तहत किया गया था। लेकिन योजना के बंद होने और उसके बाद बजट न मिलने की वजह से दो टैंकों के पास नलकूप नहीं लगाए जा सके है और न ही लाइन बिछाई गई है। बजट के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने पर नलकूप लगाया जाएगा। ताकि लोगों को पानी की किल्लत से न जूझना पड़े।
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पेयजल निगम की ओर से जेएनएनयूआरएम योजना के तहत बनाए गए आठ ओवरहेड टैंक में से दो टैंक छह साल बाद शुरू नहीं हो सके है। टैंकों के पास नलकूप न लगाने और सप्लाई के लिए मेन लाइन न बिछाने के कारण ये टैंक शुरू नहीं हो पाए हैं। टैंकों के शुरू न होने से क्षेत्र में रहने वाली हजारों की आबादी को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पेयजल निगम के अफसर बजट न होने की वजह से टैंक शुरू न होने की बात कह रहे हैं।
केंद्र सरकार की जेएनएनयूआरएम योजना के तहत पेयजल निगम की ओर से छह साल पहले शहर में करोड़ों खर्च कर आठ ओवरहेड टैंकों का निर्माण किया गया था। जिनमें से छह टैंकों को निगम की ओर से शुरू कर जल संस्थान को संचालन के लिए हैंडओवर कर दिया गया। लेकिन जाखन स्थित साईं मंदिर के पास और यमुना कॉलोनी में बने टैंक को अब तक शुरू नहीं किया जा सका है। इसकी वजह टैंकों के पास नलकूप न लगाया जाना और सप्लाई के लिए मेन लाइन न बिछाया जाना है। जबकि टैंकों के निर्माण के दौरान जल संस्थान ने निगम को नलकूप लगाने का सुझाव दिया था। टैंकों के शुरू न होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। वहीं, पेयजल निगम के एमडी भजन सिंह का कहना है कि शहर में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंकों का निर्माण जेएनएनयूआरएम योजना के तहत किया गया था। लेकिन योजना के बंद होने और उसके बाद बजट न मिलने की वजह से दो टैंकों के पास नलकूप नहीं लगाए जा सके है और न ही लाइन बिछाई गई है। बजट के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने पर नलकूप लगाया जाएगा। ताकि लोगों को पानी की किल्लत से न जूझना पड़े।
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