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फिर बदल सकता है वार्डों का भूगोल
Updated Sat, 10 Mar 2018 01:12 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
नगर निगम के वार्डों का भूगोल फिर से बदल सकता है। निकाय विस्तार के मामले में हाईकोर्ट के प्रदेश सरकार के नोटिफिकेशन को निरस्त करने के बाद पुराने परिसीमन के आधार चुनाव होने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नगर निगम देहरादून का वर्ष 2007 के बाद पहली बाद परिसीमन हुआ था, जिसके बाद वार्डों की संख्या 60 से बढ़कर 100 हो गई थी।
काफी हो-हल्ला के बीच बीते जनवरी में नगर निगम का सीमा विस्तार किया गया था। लेकिन, हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सरकार के नोटिफिकेशन को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही नगर निगम में चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर होने की चर्चाएं शुरू हो गई। बता दें कि नगर निगम ने साढ़े सात से साढ़े आठ हजार की आबादी के हिसाब से वार्डों का गठन किया था। लेकिन, हाईकोर्ट के फैसले के बाद आपत्तियां सुनने के बाद जिन ग्राम सभाओं के पक्ष में निर्णय आएगा, वह हिस्सा नगर निगम क्षेत्र से बाहर चला जाएगा। ऐसे में नगर निगम के अन्य वार्डों का भी गणित गड़बड़ाएगा। सभी वार्डों की आबादी और एरिया का नए सिरे से गठन करना पड़ेगा। ऐसे में निगम के चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर होने की संभावना जताई जा रही है।
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हाईकोर्ट के फैसले के बारे में जानकारी हुई है। शासन के आदेश के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
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नगर निगम के वार्डों का भूगोल फिर से बदल सकता है। निकाय विस्तार के मामले में हाईकोर्ट के प्रदेश सरकार के नोटिफिकेशन को निरस्त करने के बाद पुराने परिसीमन के आधार चुनाव होने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नगर निगम देहरादून का वर्ष 2007 के बाद पहली बाद परिसीमन हुआ था, जिसके बाद वार्डों की संख्या 60 से बढ़कर 100 हो गई थी।
काफी हो-हल्ला के बीच बीते जनवरी में नगर निगम का सीमा विस्तार किया गया था। लेकिन, हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सरकार के नोटिफिकेशन को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही नगर निगम में चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर होने की चर्चाएं शुरू हो गई। बता दें कि नगर निगम ने साढ़े सात से साढ़े आठ हजार की आबादी के हिसाब से वार्डों का गठन किया था। लेकिन, हाईकोर्ट के फैसले के बाद आपत्तियां सुनने के बाद जिन ग्राम सभाओं के पक्ष में निर्णय आएगा, वह हिस्सा नगर निगम क्षेत्र से बाहर चला जाएगा। ऐसे में नगर निगम के अन्य वार्डों का भी गणित गड़बड़ाएगा। सभी वार्डों की आबादी और एरिया का नए सिरे से गठन करना पड़ेगा। ऐसे में निगम के चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर होने की संभावना जताई जा रही है।
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हाईकोर्ट के फैसले के बारे में जानकारी हुई है। शासन के आदेश के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त