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बेटो को शहीद का दर्जा दिलाने को अनशन शुरू
Updated Wed, 07 Jun 2017 10:19 PM IST
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नई टिहरी। बेटे को शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर 13 वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर थक चुकी उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी रहे गंभीर सिंह कठैत की माता रामेश्वरी कठैत ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है।
राज्य आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले गंभीर सिंह कठैत की अपने साथी आंदोलनकारियों को सीबीआई की ओर से सजा देने दिए जाने के विरोध में 2004 में शहर में निकाले गए मशाल जुलूस से आग लगने के कारण मौत हो गई थी। तब सरकार ने उन्हें शहीद आंदोलनकारी का दर्जा देने, मूर्ति स्थापित करने, बौराड़ी स्टेडियम, पैतृक गांव धारकोट बडियारगढ़ के राजकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक स्कूल का नाम आंदोलनकारी के नाम पर रखने की घोषणा की थी। बावजूद घोषणाएं पूरी नहीं हो पाईं। इसके विरोध में कठैत की माता रामेश्वरी कठैत ने बौराड़ी चौक पर बेमियादी क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन से लेकर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाया। बताया कि प्रशासन ने बौराड़ी इंडेन गैस चौराहे में गंभीर सिंह की जो मूर्ति लगाई है, उससे भी गंभीर का चेहरा मिलान नहीं होने से मूर्ति 10 वर्षों से कपड़े में ढकी हुई है। इस मौके पर राकेश राणा, मोहन सिंह रावत, आकाश कृषाली, विक्रम कठैत, महिपाल नेगी, गंगा भगत नेगी, विजयपाल रावत, महावीर उनियाल, परवेज, मोहनी रावत, उर्मिला कठैत, राजेश्वरी कंडारी आदि मौजूद थे।
मांगों के संबंध में शासन को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। शहीद का दर्जा देने से लेकर अन्य मांगों का निराकरण शासन से होना है। - सीएस चौहान, एसडीएम टिहरी।
राज्य आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले गंभीर सिंह कठैत की अपने साथी आंदोलनकारियों को सीबीआई की ओर से सजा देने दिए जाने के विरोध में 2004 में शहर में निकाले गए मशाल जुलूस से आग लगने के कारण मौत हो गई थी। तब सरकार ने उन्हें शहीद आंदोलनकारी का दर्जा देने, मूर्ति स्थापित करने, बौराड़ी स्टेडियम, पैतृक गांव धारकोट बडियारगढ़ के राजकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक स्कूल का नाम आंदोलनकारी के नाम पर रखने की घोषणा की थी। बावजूद घोषणाएं पूरी नहीं हो पाईं। इसके विरोध में कठैत की माता रामेश्वरी कठैत ने बौराड़ी चौक पर बेमियादी क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन से लेकर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाया। बताया कि प्रशासन ने बौराड़ी इंडेन गैस चौराहे में गंभीर सिंह की जो मूर्ति लगाई है, उससे भी गंभीर का चेहरा मिलान नहीं होने से मूर्ति 10 वर्षों से कपड़े में ढकी हुई है। इस मौके पर राकेश राणा, मोहन सिंह रावत, आकाश कृषाली, विक्रम कठैत, महिपाल नेगी, गंगा भगत नेगी, विजयपाल रावत, महावीर उनियाल, परवेज, मोहनी रावत, उर्मिला कठैत, राजेश्वरी कंडारी आदि मौजूद थे।
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मांगों के संबंध में शासन को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। शहीद का दर्जा देने से लेकर अन्य मांगों का निराकरण शासन से होना है। - सीएस चौहान, एसडीएम टिहरी।
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