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तीन पुलिस पिकेट से मिला था लूट का ग्रीन सिग्नल 

बरेली।  Updated Sun, 04 Jun 2017 02:00 AM IST
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तीन पुलिस पिकेट से मिला था लूट का ग्रीन सिग्नल 
तीन पुलिस पिकेट से मिला था लूट का ग्रीन सिग्नल  - फोटो : तीन पुलिस पिकेट से मिला था लूट का ग्रीन सिग्नल 

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 लगता है कि सोने के थोक कारोबारी का सोना लूटने का ग्रीन सिग्नल पुलिस ने नकाबपोश बदमाशों को दिया था। तभी तो टिसुआ से आगे मौका-ए-वारदात के आधे किमी की परिधि में तीन पुलिस पिकेट थी, लेकिन लूटपाट के दौरान किसी भी पिकेट पर पुलिस मौजूद ही नहीं थी। बदमाश हाईवे से लेकर लिंक रोड तक करीब 45 मिनट तक बेखौफ लूटपाट करते रहे, लेकिन पुलिस को सुध तक नहीं लगी। लूटपाट के बाद बेखौफ बदमाशों की धरपकड़ के लिए जोन में चेकिंग अभियान छेड़ा गया, लेकिन देर रात तक पुलिस के हाथ बदमाश नहीं लग सके। 
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बदमाशों ने लूट की बड़ी वारदात को सटीक रेकी से अंजाम दिया। लखनऊ के अभिषेक अग्रवाल सराफ की दुकान से दो बजे निकलने के बाद सराफ की कार का पीछा शुरू हो चुका था। कार में सवार बदमाश फतेहगंज पूर्वी के आगे हाईवे पर घात लगाकर छिपे बदमाशों से लगातार मोबाइल पर संपर्क में थे। उन्हेें मिनट-मिनट का अपडेट दिया जा रहा है। सटीक रेकी का नतीजा है कि कार के ओवर टेक के बाद बदमाशों ने चंद मिनट में कार को हाईजेक कर लिया। सवा छह बजे टिसुआ के आगे सराफ को कर्मचारियों सहित कार में ही तमंचा टेक कर बंधक बना लिया। उनके मना करने पर इमरान मलिक और रामचंद्र के सिर पर तमंचे के बट से हमला कर दिया। वह लहूलुहान हो गए। 

बदमाशों को पता था कि सोना जूतों में है छिपा 
बदमाशों के पास पहले से जानकारी थी कि कार में सोना कहां रखा है, इसलिए बिना तलाशी लिए उन्होंने कार में बैठे अविनाश सहित कर्मचारियों को जूता उतारने के लिए कहा। उनके कपड़े तक उतरवाने लगे। बदमाश कार को कच्चे रास्ते पर उतारकर ले गए। बदमाश अपने साथ टेप लाए थे। लूटपाट के बाद उन्होंने कार से सभी को खींच लिया और हाथ और मुंह पर टेप लगाकर उन्हें झाड़ियों में फेंक दिया। 
किसी करीबी की मुखबिरी से हुई वारदात 
आलमगीरी गंज में हर्ष बुलियन के मालिक प्रदीप अग्रवाल लखनऊ के चौक बाजार से महीने में तीन से चार बार सोने की खेप मंगवाते थे। कभी ट्रेन और कभी कार के सहारे सोने की बिस्किट लाई जाती थी। शनिवार को उनके ससुर अविनाश अग्रवाल अपने दो कर्मचारियों के साथ लखनऊ जा रहे हैं, यह जानकारी चुनिंदा लोगों की जानकारी में थी। बावजूद इसके बदमाशों के पास उनकी पूरी लोकेशन थी। 
ढूंढों सफेद रंग की संदिग्ध कार
वारदात के बाद एडीजी बृज राज मीना घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वारदात के बाद जोन में अलर्ट कर दिया। सफेद रंग की डिजायर की तलाश शुरू हो गई। जिसमें पांच संदिग्ध युवक मौजूद थे। हालांकि देर रात तक कुछ पता नहीं चल सका था। 
मोबाइल लूटे, फिर फेंक गए 
लूटपाट के बाद बदमाशों ने जूते वहीं फेंक दिये। सभी लोगों के मोबाइल छीन लिये। दो मोबाइल को कुछ दूरी पर फेंक दिया, जबकि एक मोबाइल नहीं मिलने से अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश उसको अपने साथ ले गए। 
कार रही हाईवे पर मौजूद 
सराफ की कार को साइड लगाने वाली सफेद कार हाईवे पर ही मौजूद रही थी। माना जा रहा है कि बदमाशों के साथी उसमें मौजूद थे। वारदात अंजाम देने के बाद सभी बदमाश भागकर कार की तरफ गए थे। 
एक घंटे बाद पुलिस को सूचना 
पुलिस के अनुसार उन्हें करीब सवा सात बजे वारदात की सूचना मिली। यही वजह है कि 100 नंबर पर सूचना देने के बाद जिले के सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे। अलर्ट हुआ, लूट में शामिल बदमाशों के ठिकानों पर दबिशें शुरू हो गई। लेकिन कोई ठोस बात सामने नहीं आई। 
चालक भूखन के घर पर दबिश  
पुलिस के रडार पर प्रदीप अग्रवाल का पूर्व चालक भूखन जोशी है। प्रदीप ने 15 दिन पहले उसको काम से निकाला था। रामचंद्र ने बताया कि लखनऊ निकलने से पहले भूखन का फोन आया था, लेकिन उन्होंने बात नहीं की थी। हालांकि इमरान के अनुसार उससे बात हुई थी। उसने बताया था कि लखनऊ जाना है। एसएसपी के निर्देश पर रात में ही भूखन के घर पर दबिश पड़ गई। 
बॉस वारदात हो गई... 
वारदात के बाद बदमाशों ने अपने बॉस को मोबाइल पर बताया था कि वारदात हो गई। अविनाश ने उन्हें बात करते हुए सुना था। अविनाश ने बताया कि उसने अभिषेक अग्रवाल को आरटीजीएस से भुगतान किया था। उन्होंने सोने का पक्का बिल दिखाया। पुलिस हर एंगल पर पूछताछ कर रही है। 
मेरे साथ लूट हो रही है...
लूटपाट के दौरान सराफ ने पूर्व जिला सूचना अधिकारी बीएन अग्रवाल को फोन करने की कोशिश की। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि उनके साथ लूट हो रही है। इसी बीच बदमाश ने मोबाइल छीन लिया। सबसे पहले बीएन अग्रवाल ने ही पुलिस को जानकारी दी। जिसके बाद सराफ की खोजबीन शुरू हुई।
वारदात नहीं खुली तो होगा बाजार बंद 
सराफ एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप अग्रवाल ने एडीजी बृजराज मीना से कहा कि वारदात अगर चौबीस घंटे में नहीं खुलती है तो वह बाजार बंद करेंगे। एडीजी ने एसएसपी जोगेंद्र कुमार को वारदात को चौबीस घंटों में खोलने के निर्देश दिए। 

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