पत्नी की सुसाइड मामले में गिरफ्तार रोहित छिल्लर को जेल में एक खतरा, कोर्ट ने भी माना
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पत्नी की सुसाइड मामले में गिरफ्तार नेशनल कबड्डी चैंपियन रोहित छिल्लर को जेल से कोर्ट आने जाने के लिये अलग वाहन मुहैया करवाने का निर्देश कोर्ट ने दिया है।
नेशनल कबड्डी खिलाड़ी रोहित छिल्लर ने अपनी सुरक्षा के मद्देनजर अलग जेल वैन मुहैया करवाने का आग्रह कोर्ट से किया था। तीस हजारी स्थित महानगर दंडाधिकारी मनोज कुमार ने रोहित छिल्लर की सुरक्षा चाक चौबंद करने व उसे कोर्ट लाने ले जाने के लिये अलग वाहन की व्यवस्था करने का निर्देश तिहाड़ जेल प्रशासन को दिया है।
यह निर्देश कोर्ट ने जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर दिया है। तिहाड़ जेल नंबर तीन के उपाधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट पेश कर कहा कि रोहित छिल्लर को उसकी सुरक्षा के मद्देनजर अलग वाहन मुहैया करवाया जा सकता है। कोर्ट ने रोहित छिल्लर की अर्जी पर जेल प्रशासन से जवाब मांगा था।
जेल में दूसरे कैदी से नुकसान का खतरा
बचाव पक्ष के अधिवक्ता आरएस मलिक ने रोहित की ओर से अर्जी दायर पर बहस करते हुये कहा था कि रोहित नेशनल कबड्डी खिलाड़ी है और जेल में उसे कोई दूसरा कैदी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिये उसे अलग वैन मुहैया करवाई जाये।
दिल्ली पुलिस ने रोहित को पत्नी ललिता सुसाइड केस में 21 अक्तूबर को मुंबई से गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने मुंबई की कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लिया था और उसके बाद रविवार को तीस हजारी कोर्ट में पेश कर दो दिन का रिमांड लिया था। रोहित के पिता ने 21 अक्तूबर की सुबह थाने में सरेंडर कर दिया था। कोर्ट ने उसे भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
बता दें कि बहू की खुदकुशी के सिलसिले में निजामपुर निवासी विजय ने शुक्रवार सुबह नांगलोई थाने में सरेंडर किया था। रोहित की पत्नी ललिता ने 17 अक्तूबर को खुदकुशी कर ली थी।