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Hindi News ›   Crime ›   Blue light car smuggling liquor from Army

नीली बत्ती की कार से फौज की दारू की तस्करी

Sat, 05 Nov 2016 01:36 AM IST
बरेली, ब्यूरो
बरेली, ब्यूरो Updated Sat, 05 Nov 2016 01:36 AM IST
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सेना से रिटायर होने के बाद एक सूबेदार ने कैंटीन से साठगांठ कर शराब तस्करी शुरू कर दी। आबकारी विभाग ने हर दिन लाखों रुपये की शराब ऑन डिमांड सप्लाई करने वाले पूर्व सैनिक के साथ बरेली एमईएस में कार्यरत एक कर्मचारी समेत तीन लोगों को पकड़ा है। नीली बत्ती लगी लग्जरी कारों से लाखों रुपये की अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। 
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हरियाणा स्थित सेना की कैंटीन से साठगांठ कर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरेली समेत विभिन्न जिलों में ऑन डिमांड सप्लाई हो रही है। हर माह करोड़ों रुपये की शराब मिलीभगत से यूपी में पहुंचती है। तस्कर लग्जरी कारों में नीली बत्ती लगाकर धंधा कर रहे हैं। इसका खुलासा शुक्रवार को पकड़ी गई दो कारों से हुआ। जीजे 3बीए 3246 और यूपी 85 टी 7200 नंबर की कारों में कैंटीन की अंग्रेजी शराब की करीब दो सौ बोतलें बरामद हुई हैं। 
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सिविल लाइंस में पकड़े गए कार चालक राकेश पाराशरी ने बताया कि इस धंधे में सेना से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। उसकी निशानदेही पर ही पूर्व सूबेदार ऋषिपाल और एमईएस बरेली में कार्यरत हरि गोपाल पकड़ा गया। आबकारी अफसरों ने बताया कि एमईएस कर्मी हरिगोपाल खुद कार चलाता है और बरेली कैंटीन से भी शराब इधर-उधर करता रहा है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी ऋषिपाल ने बताया कि वह 19 वीं बटालियन जाट रेजीमेंट असम से इसी वर्ष मार्च में सूबेदार पद से रिटायर हुआ और सुभाषनगर में किराए पर रहता है। तस्करों के पास रायल स्टाइलो ब्रांड भी मिला है।  हरियाणा डिस्टलरी की यह शराब अरुणाचल राज्य स्थित सेना की कैंटीन में सप्लाई होती है। इज्जत नगर थाने में रिटायर्ड सूबेदार समेत तीनों के खिलाफ मुकदमा आबकारी विभाग ने दर्ज कराया है। 
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डीएम ने दिए थे निर्देश
पिछले दिनों डीएम पंकज यादव ने अवैध और कच्ची शराब कारोबार के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत जिला आबकारी अधिकारी एमएल द्विवेदी ने गोपनीय जानकारी मिलते ही वरिष्ठ निरीक्षक सिद्धार्थ मिश्रा, जेके सिंह आदि को छापामारी में लगाया। द्विवेदी ने बताया कि चालक की निशानदेही पर धौरेरा माफी से एक कार और बोतलें बरामद हुई हैं।


कीमतों में भारी अंतर
हरियाणा स्थित सेना कैंटीन से लाई गई अंग्रेजी शराब की बोतल हंड्रेड पाइपर की कीमत करीब 530 रुपये है जो बरेली में तस्कर सात सौ रुपये में बेचते हैं। खुले बाजार में इसकी कीमत करीब 15 सौ रुपये है। इसी तरह एक हजार रुपये में मिलने वाली रेड वाइन पांच सौ रुपये और रेड नाइट चार सौ रुपये में उपलब्ध कराई जाती है। सेना कैंटीन से रेड नाइट 170 रुपये में खरीदी जाती है। इनकी पैकिंग भी बाजार में उपलब्ध शराब से कुछ अलग है। 
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