सैंपल फेल, सरकार ने लाखों परिवारों को खिला दी घटिया चीनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल सरकार सस्ते राशन के डिपुओं के माध्यम से लाखों उपभोक्ताओं को घटिया चीनी खिला रही है। इसका खुलासा खाद्य आपूर्ति निगम की रिपोर्ट से हुआ है। शिकायतें आने के बाद निगम ने मार्च और अप्रैल माह में प्रदेश भर के विभिन्न सरकारी डिपुओं से चीनी के सैंपल भरे थे।
इनमें से 17 सैंपल फेल पाए गए हैं। यह पहला मौका है कि सरकारी चीनी के इतने बड़े पैमाने पर सैंपल फेल हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि मार्च और अप्रैल में सैंपल फेल होने के बावजूद डिपुओं में घटिया चीनी बंट रही है। खाद्य आपूर्ति निगम का कंपनी के साथ 3 महीने का करार हुआ है।
मई माह में भी इसी कंपनी की चीनी सप्लाई होगी। खाद्य आपूर्ति निगम की ओर से मार्च महीने में चीनी के 16 सैंपल भरे गए। इनमें से 10 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इसके बाद कंपनी को गुणवत्ता वाली चीनी सप्लाई करने के लिए नोटिस जारी हुआ, लेकिन अप्रैल महीने में भी घटिया चीनी भेजी गई। इस कंपनी की चीनी के अप्रैल महीने में भी 7 सैंपल फेल पाए गए हैं।
सैंपल में सामने आई ये सारी खामियां
सैंपल रिपोर्ट के अनुसार सरकारी डिपुओं से आवंटित चीनी में एक्यूमजा जरूरत से ज्यादा पाया गया है। विशेषज्ञों की मानें तो सीमा से ज्यादा एक्यूमजा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। चीनी में एक्यूमजा की मात्रा 100 तक होनी चाहिए लेकिन सैंपल रिपोर्ट में इसकी मात्रा 150 और इससे अधिक पाई गई। चीनी को सही तरीके से रिफाइंड नहीं किया गया है।
कंपनी पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं
चीनी का एक सैंपल फेल होने पर कंपनी की 20 फीसदी सिक्योरिटी काट ली जाती है। महीने में 5 से अधिक सैंपल फेल होने पर कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जाता है। इस कंपनी पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। सैंपल जांच रिपोर्ट अभी तक मुझे नहीं मिली है। कंपनी के अगर इतने बड़े पैमाने पर सैंपल फेल हुए है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।-जेआर कटवाल, एमडी, खाद्य आपूर्ति निगम