UP: पीएम मोदी ने चंदौली को दिया दिवाली गिफ्ट, 61.87 करोड़ की लागत से बनी अल्ट्रा मॉडल फिश मंडी का लोकार्पण
नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान से आयोजित इस राष्ट्रीय समारोह में प्रधानमंत्री ने देशभर में विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ किया। इसमें चंदौली की यह मछली मंडी भी शामिल रही।
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दिवाली से ठीक पहले पीएम ने चंदौली को तोहफा दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 61.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अल्ट्रा मॉडल फिश मंडी का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोकार्पण किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिला सम्मान : कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम गर्भाधान और पशुधन विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए नियामताबाद ब्लॉक के बगया गांव निवासी सुधीर यादव सहित कई युवकों को डीएम चंद्र मोहन गर्ग, विधायक सुशील सिंह और विधायक रमेश जायसवाल ने सम्मानित किया। सुधीर यादव को राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
पूर्वांचल के विकास का नया अध्याय : नवनिर्मित 61.87 करोड़ की अल्ट्रा मॉडल फिश मंडी के संचालन से अब चंदौली और आसपास के जिलों के मछली पालकों को बेहतर विपणन, भंडारण और परिवहन की सुविधाएं मिलेंगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।
11440 करोड़ रुपये है दलहन उत्पादन आत्मनिर्भर मिशन की लागत: राज्यमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के पूसा परिसर से वर्चुअल प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, पल्स (दलहन) आत्मनिर्भर मिशन, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, कृषि आधारभूत संरचना कोष और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन का शुभारंभ किया।
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान शाहंशाहपुर में सजीव प्रसारण हुआ। राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा दयालु ने भी पीएम के प्रसारण को देखा और सराहना की। कहा कि दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर मिशन योजना 2030-31 तक लागू रहेगी। इसकी कुल लागत 11440 करोड़ रुपये है।
उद्देश्य देश को दलहन उत्पादन में पूर्ण आत्मनिर्भर बनाना है। संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि शुरू हुई योजनाएं किसानों की समृद्धि और कृषि उत्पादकता वृद्धि की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह, डॉ. राकेश कुमार दुबे, डॉ. हरे कृष्णा, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. सुदर्शन मौर्या और डॉ. आत्मानंद त्रिपाठी, डॉ. नागेंद्र राय ने होने वाले लाभ किसानों को बताए।
‘धान का कटोरा’ बनेगा मछली का हब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के पड़ोस में ‘धान का कटोरा’ कहा जाने वाला जिला चंदौली अब मछली पालन के लिए भी देश में जाना जाएगा। दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे पर चंदौली में अब अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी बनकर तैयार हो चुका है। इस मंडी के बनने से पूर्वांचल के मत्स्य पालन करने वालों की आय दोगुनी से भी ज्यादा होने की उम्मीद है। होलसेल, रिटेल और मछली पालन से संबंधित सभी उपकरण, सीड्स, दवाएं, चारा सब कुछ एक छत के नीचे उपलब्ध होगा।
10 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार
अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी के बनने से पूर्वांचल के 2000 से ज्यादा मछली पालकों की आय दोगुनी से भी ज्यादा होगी। साथ ही 10 हजार से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। मछली से संबंधित सभी कारोबार एक छत के नीचे होगा। यहां फिश रेस्टोरेंट, प्रशिक्षण के लिए कांफ्रेंस हॉल, प्रोसेसिंग यूनिट समेत कई तरह की सुविधाएं होंगी। तीन मंजिला इमारत का निर्माण दस हजार वर्गमीटर में हुआ है। मछली के आकार की इस बिल्डिंग में मछली पालन के तरीकों, मार्केटिंग, तकनीक, एक्सपोर्ट से लेकर मछली के कई प्रकार के पकवान पकाने और खाने की भी सुविधा होगी।
गोलगड्डा अलईपुर से छोटे मालवाहक वाहनों का आवागमन हो प्रतिबंध मुक्त
विशेश्वरगंज-भैरोनाथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों ने शनिवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल से मुलाकात की। राजघाट पुल पर मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध संबंध में वार्ता की। व्यापारियों ने मांग की कि गोलगड्डा अलईपुर से शहर में छोटे मालवाहक वाहनों का आवागमन प्रतिबंध मुक्त रखा जाए। प्रवेश और प्रतिबंध से मंडी के व्यापारियों को होने वाली असुविधा पर पक्ष रखा।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि मालवाहक चालक अपनी गाड़ियों को मेंटेन नहीं रखते और क्षमता से ज्यादा माल लोड कर लेते हैं। जिस कारण राजघाट पुल व रास्ते में गाड़ियां खराब हो जाती हैं और जाम लगता है। सुबह 8 से 11 बजे तक और शाम 5 से 7 बजे तक माल वाहनों का यातायात बंद कर दिया है। इसकी सूचना प्रत्येक व्यापार मंडल के पास भेजी गई है। प्रतिनिधिमंडल में अलखनाथ गोस्वामी, शरद केसरी, ओम कृष्ण दास, पंकज, अजय, दिलीप आदि रहे।