लखनऊ: दीवानी कचहरी परिसर में भिड़े वकीलों के दो गुट, एक के बाद एक तीन बम फेंके, हड़कंप
लखनऊ के वजीरगंज स्थित दीवानी कचहरी परिसर में गुरुवार सुबह 11.50 बजे अपने कमरे के बाहर खड़े लखनऊ बार एसोसिएशन के संयुक्त मंत्री संजीव कुमार लोधी को कुछ वकीलों ने पहले मारापीटा फिर बम से हमला कर दिया। वकील की ड्रेस में आये हमलावरों ने एक के बाद एक तीन बम फेंके। जिसकी चपेट में आने से संयुक्त मंत्री सहित चार वकील घायल हो गये। बम के धमाके की आवाज सुनकर कचहरी परिसर में हड़कंप मच गया। उधर हमलावर अफरा-तफरी का फायदा उठाकर भाग निकले।
कचहरी में बमबाजी की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस अधिकारी भी पहुंच गये। घायलों को तत्काल बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया। मौके से दो जिंदा सुतली बम बरामद हुए। संजीव ने बार एसोसिएशन के महामंत्री जीतू यादव को हमले का दोषी बताया है। वहीं, दोपहर दो बजे के करीब जीतू यादव के चेंबर में हमला कर दिया गया। जिसमें जीतू सहित उनका सहयोगी घायल हो गया। पुलिस दोनों पक्षों की तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कर रही है।
अलीगंज के पुरनिया रेलवे क्रासिंग के पास रहने वाले संजीव लोधी के मुताबिक दीवानी कचहरी परिसर के गेट नंबर-4 के पास उनका चेंबर हैं। सुबह करीब 11.50 बजे वह अपने साथी ज्ञान प्रकाश गुप्ता, प्रमोद लोधी, श्यामसुंदर सिंह, सुशील शर्मा, इंदल व अमित पटवा के साथ खड़े थे।
इसी बीच वहां सुधीर यादव, आजम, एजाज और दिलीप सिंह आ धमके। इन लोगों के साथ दो दर्जन से अधिक लोग वकील की ड्रेस में थे। कुछ लोगों के पास असलहे थे। असलहा लहराते हुए ये लोग संजीव की तरफ बढ़ने लगे। ज्ञान व प्रमोद लोधी ने हमलावरों को रोकने का प्रयास किया तो हाथापाई शुरू हो गई। इसी बीच हमलावरों ने एक के बाद एक तीन बम फेंक दिए।
'पहला बम शरीर पर लगा पर फटा नहीं'
संजीव के मुताबिक, हमलावरों ने जो बम फेंका उसमें पहला बम उनके शरीर पर लगा लेकिन फटा नहीं। इसके बाद दो बम और फेंके गये जिसमें से एक तेज धमाके के साथ फट गया जिसके छर्रे वकीलों को लगे। वहां अफरा-तफरी मच गई। हमलावर वहां से असलहा लहराते हुए फरार हो गये।
मौके पर मौजूद श्यामजी के मुताबिक हमले में संजीव लोधी, ज्ञानप्रकाश गुप्ता, प्रमोद लोधी व संजीव शर्मा को चोट आई। श्यामजी के मुताबिक एक मामले को लेकर संजीव लोधी ने न्यायिक अधिकारी की शिकायत जिला जज से की थी।
इस बात की जानकारी होने पर न्यायिक अधिकारी के खिलाफ शिकायत को वापस लेने का दबाव जीतू यादव व उनके सहयोगी डाल रहे थे। बुधवार रात को संजीव के साथी ज्ञान प्रकाश गुप्ता के रुचिखंड स्थित आवास पर जीतू के सहयोगियों ने हंगामा कर धमकी दी थी।