सरकार के सौ दिन पूरे होने पर सीएम जयराम ने अपने मंत्रियों को लेकर दिया ये बयान
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उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने मंत्रियों की कोठियों की सजावट पर ही जनता के पैसे की फिजूलखर्ची की। सूची निकालें तो ये फिजूलखर्ची सामने आ जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा - हमारे मंत्री फिजूलखर्ची नहीं करेंगे।
सरकार ने मंत्रियों की कोठियों की गैर जरूरी सजावट पर रोक लगा दी है। सीएम ने अपनी सरकार के सौ दिन का समय पूरा होने के उपलक्ष्य पर सचिवालय में आयोजित ‘संवाद सत्र’ में फिजूलखर्ची पर पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि सरकार खर्चे घटाने के उपायों को तलाश रही है।
हमने चेयरमैन और वाइस चेयरमैन बनाने में भी ढील रखी है। कहा कि पिछली सरकार के वक्त में काफी फिजूलखर्ची हुई। चेयरमैन, वाइस चेयरमैन की बड़ी फौज खड़ी की गई। हम ऐसा नहीं कर रहे हैं।
भाजपा विधायकों ने राहत कोष को एक-एक लाख दिए
हम सीपीएस बनाने में भी कोई जल्दबाजी नहीं दिखा रहे हैं। हमने मंत्रियों को साफ निर्देश जारी किए हैं कि जो जरूरी चीजें हों, उन्हीं पर खर्च होगा। जिस चीज के बगैर काम चल सकता है, उसमें खर्चा नहीं होगा।
जयराम बोले - हमारे विधायकों ने सीएम राहत कोष में पैसे दिए हैं। इनमें एक-एक लाख रुपये तो सबने ही दिए हैं। कुछ ने दो लाख रुपये भी दिए हैं। क्या कांग्रेस विधायक भी ऐसा करेंगे?
इस पर जयराम बोले, हमें माकपा विधायक ने 50 हजार रुपये राहत कोष देने की बात कही, लेकिन कांग्रेस विधायकों के बारे में वे कह नहीं पाएंगे। हमारे मंत्रियों ने तो राशन की सब्सिडी भी छोड़ दी है।