चंबा मेडिकल कॉलेज का प्रिंसिपल सस्पेंड, सरकार ने इसलिए की कार्रवाई
प्रदेश सरकार ने चंबा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनिल ओहरी को सस्पेंड कर दिया है। कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं के चलते यह कार्रवाई हुई है। सरकार ने डॉ. ओहरी को हेडक्वार्टर शिमला फिक्स किया है।
डॉ. ओहरी की जगह अब डॉ. ओपी पुरी की तैनाती की गई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जून, 2018 में सरकार ने इस कॉलेज का ऑडिट कराया था। शिमला से ऑडिट कराने को स्पेशल टीम भेजी गई थी।
छानबीन के दौरान कागजों में वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। बीते सप्ताह ही ऑडिट टीम ने रिपोर्ट सरकार को सौंपी है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की शुक्रवार को सचिवालय में हुई बैठक में उन्हें सस्पेंड करने का फैसला लिया है। मेडिकल कालेज कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में खुला था।
मामले पर स्वास्थ्य मंत्री ने ये कहा
वर्ष 2017 में यहां 100 एमबीबीएस प्रशिक्षुओं का पहला बैच बैठा था। अब अगस्त में यहां दूसरा बैच बिठाया जाना है। कॉलेज में अब तक 72 छात्रों का प्रवेश हो चुका है।
वित्तीय अनियमितताओं के चलते चंबा मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. अनिल ओहरी को सस्पेंड किया गया है। उन्हें प्रधानचार्य पद से हटाया गया है। काम प्रभावित न हो इसके चलते मेडिकल कालेज में दूसरे प्रधानाचार्य की तैनाती की गई है। -विपिन परमार, स्वास्थ्य मंत्री
मुझे किन कारणों से सस्पेंड किया है, इसकी कोई तो वजह होनी चाहिए। चहेते को कुर्सी पर तैनात करने को लेकर यह सब किया गया है।-अनिल ओहरी, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज