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सांस्कृतिक उत्सव कलरव का रंगारंग आगाज
Sat, 06 Apr 2019 01:38 AM IST
विनोद सिंह
News Desk, Amarujala, Prayagraj
News Desk, Amarujala, Prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 06 Apr 2019 01:38 AM IST
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- फोटो : प्रयागराज
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मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव कलरव का बुधवार को रंगारंग आगाज हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद एवं संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने किया। पहले दिन का आकर्षण काव्य संध्या रही। काव्य संध्या में पद्मश्री डॉ. सुनील जोगी, डॉ. विष्णु सक्सेना एवं श्लेष गौतम ने अपनी कविता प्रस्तुति से छात्र-छात्राओं की वाहवाही पाई।
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सांस्कृतिक उत्सव के पहले दिन वायस ऑफ कलरव के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ। इसके बाद दिन में लिटमस क्विज, रंगसाजी-रोड पेंटिंग, काव्यांजली, हास्यमंच, फेस पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
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कवि सम्मेलन में पद्श्री सुनील जोगी चुटीली प्रस्तुति से पूरा माहौल ठहाकों से गूंज उठा। डॉ. जोगी ने अपनी कविता ‘‘तोहफ़े , चढ़ावे, भेंट के सामान हैं बहुत। इंसान कम हैं और यहां भगवान हैं बहुत।। दुनिया की मुश्किलों का हल उनसे न पूछिए। जो ख़ुद की मुश्किलों से परेशान हैं बहुत।।’’ सुनाकर खूब वाहवाही पाई। कवि डॉ. विष्णु सक्सेना ने आम आदमी की दिनचर्या पर आधारित अपनी रचनाओं की प्रस्तुति से सभी को मुग्ध कर दिया।
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उन्होंने अपनी कविता ‘‘दिल की ज़मीं पर जब फसल यादों की बोओगे। जिसको जितना प्यार करोगे उतना रोओगे॥’’ सुनाकर वाहवाही पाई। उन्होंने एमएनएनआईटी के एमपी बिरला हाल में आयोजित कवि सम्मेलन में गूंजती तालियों की गड़गड़ाहट के बाद कहा कि यह माहौल इस बात की गवाही दे रहा है कि प्रयागराज में काव्य समझने वाले बदलते दौर के साथ बिलकुल नहीं बदले।
संचालन कर रहे डॉ. श्लेष गौतम ने अपनी कविता ‘समय की धार के आगे सिकंदर हार जाते हैं, शहंशाह सूरमा सारे धुरंधर हार जाते हैं।’ कार्निवाल रांदेवु विथ युफोरिया थीम पर आधारित इस उत्सव के सफलतापूर्वक आयोजन का श्रेय स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर के अध्यक्ष प्रो. राजेश गुप्ता, समन्वयक डॉ अभिषेक कुमार, फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ सिराज आलम, डॉ नन्द कुमार सिंह, डॉ प्रज्ञा एवं संस्थान के छात्रों ने किया।