जीएसटी को लेकर केंद्र से ये मांग करेंगे सीएम जयराम ठाकुर, शीतकालीन प्रवास के लिए जाएंगे धर्मशाला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की बैठक में भाग लेंगे।जीएसटी लागू होने के बाद सूबे को हुए वित्तीय घाटे की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार केंद्र से मांग रखेगी।
दो दिन बाद होने वाली बैठक में वह जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश में घटे राजस्व की भरपाई के लिए अपनी बात रखेंगे। एकल कर प्रणाली लागू होने के बाद पिछली दो तिमाही में प्रदेश का राजस्व लगभग 25 प्रतिशत तक घटा था।
इसके चलते पहले से खस्ताहाल चल रहे प्रदेश को और परेशानी का सामना करना पड़ा है। चूंकि, जीएसटी में हिमाचल समेत कुछ राज्यों को राजस्व का नुकसान होने पर भरपाई की व्यवस्था है। ऐसे में प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष के खत्म होने से पहले केंद्र से पत्राचार कर अपनी बात रखने की कवायद में जुट गई है।
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इसके अलावा प्रदेश की वित्तीय स्थिति और केंद्र के बजट से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से अलग से मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान प्रदेश को विशेष आर्थिक पैकेज की भी मांग रखने की भी संभावना है।
सीएम का शीतकालीन प्रवास गणतंत्र दिवस के बाद
शीतकालीन विधानसभा सत्र के बाद अब मुख्यमंत्री दोबारा शीतकालीन प्रवास के लिए धर्मशाला जाएंगे। गणतंत्र दिवस के बाद मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय होगा। प्रवास की अवधि अधिकतम दस दिन की रहेगी।
इस दौरान प्रदेश के कांगड़ा, चंबा जिले के अलावा दूसरे मैदानी हिस्सों के लोगों की समस्याएं सुनने की परंपरा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का शीतकालीन प्रवास कार्यक्रम पहले 20 जनवरी के बाद प्रस्तावित बताया जा रहा था। इसी बीच 17 जनवरी से उनका दिल्ली का दो दिवसीय दौरा आ गया।
दिल्ली में जीएसटी काउंसिल और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से बैठक के बाद उन्हें 25 जनवरी को कुल्लू के आनी में होने वाले राज्यत्व दिवस में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करनी है।
इसके बाद गणतंत्र दिवस का शिमला में कार्यक्रम है, जिसके बाद उनका शीतकालीन प्रवास का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय फिलहाल उनका कार्यक्रम तैयार कर रहा है, जिस पर सीएम के दिल्ली से लौटने के बाद ही मुहर लगेगी।