फारका से मिलने पहुंचे नए सीएस विनीत चौधरी, कभी थे धुर विरोधी
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मुख्य सचिव विनीत चौधरी पूर्व मुख्य सचिव वीसी फारका से मिलने उनके कक्ष में पहुंचे। वीरभद्र सरकार में विनीत की वरिष्ठता दरकिनार कर फारका मुख्य सचिव बने थे। अब भाजपा सरकार आई तो फारका को हटाकर विनीत को मुख्य सचिव का प्रभार मिला है।
एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे चौधरी और फारका की मुलाकात से चर्चाओं का बाजार गर्म है। बड़े प्रशासनिक फेरबदल के अगले दिन मुख्य सचिव के फारका से मिलने को आपसी गिले-शिकवे दूर करने से भी जोड़ा जा रहा है।
वहीं, दोनों वरिष्ठ अधिकारी इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बता रहे हैं। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान वीसी फारका पांच वरिष्ठ अधिकारियों को सुपरसीड कर चीफ सेक्रेटरी बने थे।
विनीत की वरिष्ठता दरकिनार कर फारका बने थे मुख्य सचिव
प्रदेश कांग्रेस सरकार की सहमति से उन्हें इस पद पर तैनाती दी गई थी। फारका से वरिष्ठ अधिकारी विनीत चौधरी ने इसका विरोध किया लेकिन उस दौरान उनकी नहीं सुनी गई। इसके बाद उन्होंने सरकार के फैसले को कैट में चुनौती दी।
कैट से उनके पक्ष में फैसला आया और बताया गया कि उन्हें चीफ सेक्रेटरी के बराबर के पद पर तैनाती की जाए। प्रदेश सरकार ने विनीत चौधरी को जन शिकायत निवारण का प्रधान सलाहकार नियुक्त किया।
हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बदलते ही भाजपा ने वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए विनीत चौधरी को मुख्य सचिव बनाया है और वीसी फारका को उनके स्थान पर भेजा गया है। अब फारका चीफ सेक्रेटरी के बजाय सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करेंगे।