फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Along with drinking alcoholic, how is natural death?

साथ शराब पीने वाले चरित्तर की मौत स्वभाविक कैसे ?

Fri, 07 Jul 2017 11:37 PM IST
azamgarh
azamgarh Updated Fri, 07 Jul 2017 11:37 PM IST
विज्ञापन
Along with drinking alcoholic, how is natural death?
-शोक में डूबा मृतक चरित्तर का परिवार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। केवटहिया गांव में गुरुवार की रात जहरीली शराब पीने से मरे नौ लोगों में दो सगे भाइयों चरित्तर और रामवृक्ष की मौत पुलिस ने स्वाभाविक बताकर दोनों की लाश बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार के लिए परिवार वालों को सौंप दिया। उसकी इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन


अस्पताल में भर्ती बीमार लोगों का कहना है कि दोनों ने उनके साथ शराब पी थी। ऐसे में उनकी मौत  स्वाभाविक कैसे हो सकती है। भाजपा नेता ने भी आपत्ति जताई है।
विज्ञापन

 
जहरीली शराब पीकर अस्पताल में भर्ती बहादुर, मनोज, सत्येंद्र आदि का कहना है कि उन्हीं के गांव का चरित्तर शराब का कारोबार करता था। वह घर से न केवल शराब बेचता था बल्कि हमेशा नशे में धुत भी रहता था। गुरुवार को सत्येंद्र आदि ने उसी के साथ बैठकर शराब पी। शराब पीने के बाद सत्येंद्र अपने घर चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


रात को तबीयत खराब होने पर चरित्तर और उसके भाई रामवृक्ष सहित नौ लोगों की मौत हो गई जबकि नौ बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हैं। उधर जहरीली शराब से मौत होने की सूचना पर डीएम चंद्रभूषण सिंह, एसपी अजय साहनी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान  पुलिस ने चरित्तर और उसके भाई रामवृक्ष के शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया और दोनों की मौत को स्वाभाविक बताया।

बताया जा रहा है कि पहले रामवृक्ष की स्वाभाविक मौत हुई और उसकी मौत के सदमे से उसके भाई चरित्तर की मौत हो गई। ग्राम प्रधान अवधेश निषाद ने बताया कि चरित्तर, रामवृक्ष सहित अन्य शराब, बेचते थे। गुरुवार को भी चरित्तर और उसके भाई ने शराब पी थी। भाजपा के जिला प्रचार प्रमुख नरेंद्र सिंह का कहना है कि केवटहिया गांव निषादों की बस्ती है।



यहां शायद ही किसी का पक्का मकान हो। पुलिस ने अपनी करतूत छिपाने और मामले को रफादफा करने के लिए जबरन चरित्तर और रामवृक्ष के घर वालों पर दबाव बनाकर शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। इससे परिवार को मिलने वाला कृषक दुर्घटना बीमा का भी लाभ भी उन्हें नहीं मिल पाएगा। नरेंद्र सिंह ने कहा कि वह इस मामले को लखनऊ तक पहुंचाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed