{"_id":"5729ba804f1c1bcd795cd0d3","slug":"ajab-gajab-colony-water-crisis-graveyard-cemetery-sirsa-dabwali-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक ऐसी बस्ती, जहां श्मशानघाट के पानी से बुझती है प्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक ऐसी बस्ती, जहां श्मशानघाट के पानी से बुझती है प्यास
ब्यूरो/अमर उजाला, डबवाली(सिरसा)
Updated Thu, 05 May 2016 12:44 PM IST
विज्ञापन
पानी का संकट
- फोटो : demo pics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में एक ऐसी बस्ती है, जहां श्मशानघाट के पानी से लोगों की प्यास बुझती है। चौंक गए न जानकर। पर ये सच है और हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली इलाके में यह बस्ती मौजूद है। पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल के गृहक्षेत्र लंबी के तहत आने वाले गांव मंडी किलियांवाली में एक ऐसी बस्ती है, जहां के रहने वाले दो किलोमीटर दूर स्थित डबवाली में बने श्मशान से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। ऐसा पिछले सात साल से हो रहा है। अब विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही अधिकारी चिर निद्रा से जागे हैं।
पेयजल आपूर्ति का समाधान न होने तक रोजाना पेयजल का टैंक भेजने की बात कह रहे हैं। पढ़ेमंडी किलियांवाली की बस्ती डबवाली के कबीर नगर से सटी हुई है। बस्ती में परिवारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद पंजाब सरकार लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने के प्रति गंभीर नहीं है। कबीर बस्ती निवासी सरोज, मनजीत कौर, विद्या देवी, संतोष, रेशम, बचनो, दुर्गा, सुनीता, रामप्यारी, कमला, सुमन, लक्ष्मण सिंह, भगवान सिंह, सुखदेव सिंह, राजू, कृष्ण कुमार, मेजर सिंह, शिवजी राम, सोनू कुमार, बाल कृष्ण, पवन गोयल, नरेश, तेजभान बांसल ने बताया कि वे लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।
प्यास बुझाने के लिए उन्हें हर रोज दो किलोमीटर दूर राधा स्वामी सत्संग घर, एफसीआई गोदाम या फिर रामबाग में पेयजल के लिए जाना पड़ता है। लोग पीने का पानी श्मशान भूमि में लगी सरकारी सप्लाई की टोंटियों से भरकर लाने को मजबूर हैं। मंडी किलियांवाली पंचायत भी कुछ नहीं कर रही। वे परेशानी में जीवन जी रहे हैं, जबकि जन प्रतिनिधि मौज मना रहे हैं। आज तक उनकी समस्या जानने के लिए कोई नहीं आया। हालांकि कुछ समय पूर्व बस्ती तक पानी पहुंचाने के लिए पेयजल पाईप बिछाई गई थी। लेकिन आज तक पानी की एक बूंद नसीब नहीं हुई है। वे कई बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं। आश्वासन के सिवा आज तक कुछ नहीं मिला।
विज्ञापन
कबीर बस्ती में पेयजल आपूर्ति को बहाल करने के लिए पंप ऑपरेटर रखे जा रहे हैं। जब तक यह व्यवस्था नहीं होती वैकल्पिक तौर पर बस्ती में पानी के टैंक
भेज जाएंगे।
-शमिंद्र सिंह, एसडीई, पंजाब स्वास्थ्य विभाग, मंडी किलियांवाली
विज्ञापन
पेयजल आपूर्ति का समाधान न होने तक रोजाना पेयजल का टैंक भेजने की बात कह रहे हैं। पढ़ेमंडी किलियांवाली की बस्ती डबवाली के कबीर नगर से सटी हुई है। बस्ती में परिवारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद पंजाब सरकार लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने के प्रति गंभीर नहीं है। कबीर बस्ती निवासी सरोज, मनजीत कौर, विद्या देवी, संतोष, रेशम, बचनो, दुर्गा, सुनीता, रामप्यारी, कमला, सुमन, लक्ष्मण सिंह, भगवान सिंह, सुखदेव सिंह, राजू, कृष्ण कुमार, मेजर सिंह, शिवजी राम, सोनू कुमार, बाल कृष्ण, पवन गोयल, नरेश, तेजभान बांसल ने बताया कि वे लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।
विज्ञापन
प्यास बुझाने के लिए उन्हें हर रोज दो किलोमीटर दूर राधा स्वामी सत्संग घर, एफसीआई गोदाम या फिर रामबाग में पेयजल के लिए जाना पड़ता है। लोग पीने का पानी श्मशान भूमि में लगी सरकारी सप्लाई की टोंटियों से भरकर लाने को मजबूर हैं। मंडी किलियांवाली पंचायत भी कुछ नहीं कर रही। वे परेशानी में जीवन जी रहे हैं, जबकि जन प्रतिनिधि मौज मना रहे हैं। आज तक उनकी समस्या जानने के लिए कोई नहीं आया। हालांकि कुछ समय पूर्व बस्ती तक पानी पहुंचाने के लिए पेयजल पाईप बिछाई गई थी। लेकिन आज तक पानी की एक बूंद नसीब नहीं हुई है। वे कई बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं। आश्वासन के सिवा आज तक कुछ नहीं मिला।
विज्ञापन
कबीर बस्ती में पेयजल आपूर्ति को बहाल करने के लिए पंप ऑपरेटर रखे जा रहे हैं। जब तक यह व्यवस्था नहीं होती वैकल्पिक तौर पर बस्ती में पानी के टैंक
भेज जाएंगे।
-शमिंद्र सिंह, एसडीई, पंजाब स्वास्थ्य विभाग, मंडी किलियांवाली