{"_id":"6281670ddb9c2a4e375bb2ad","slug":"youth-took-to-the-road-to-make-them-aware-of-food-safety-chandigarh-news-pkl450732869","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए सड़क पर उतरे युवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए सड़क पर उतरे युवा
विज्ञापन
सुरक्षित आहार की जागरूकता को लेकर निकाली गई वॉकथॉन में भाग लेते लोग।
- फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। सुरक्षित आहार के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को वॉकथॉन का आयोजन किया गया। युवाओं ने रॉक गार्डन से सुखना लेक क्लब तक ईट सेव थीम पर आयोजित वॉकथॉन में शामिल होकर लोगों को सुरक्षित खान-पान के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने किया। उन्होंने कहा कि खान-पान संबंधी जानकारी के अभाव से लोग अनजाने में बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसके साथ ही लोगों को खाद्य सुरक्षा संबंधी कानून की भी जानकारी होनी जरूरी है जिससे वे अपने अधिकार का भी उपयोग कर सके। स्वास्थ्य विभाग की अपील पर कार्यक्रम में स्कूली बच्चे, आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम में निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह व स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सा अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ और कर्मचारी भी शामिल हुए।
अधिकारी से कर्मचारी तक बिना मास्क के दिखे
कार्यक्रम के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के मानकों की अनदेखी अधिकारियों से कर्मचारियों तक में दिखी। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य निदेशक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बिना मास्क के नजर आए। वहीं, आंगनबाड़ी की कर्मचारियों ने भी मास्क पहनना उचित नहीं समझा। जबकि संत निरंकारी मिशन के स्वयंसेवक मास्क में नजर आए।
विज्ञापन
संत निरंकारी मिशन ने किया सहयोग
संत निरंकारी मिशन के 300 सेवादलों ने कार्यक्रम में शामिल होकर लोगों को जागरूक करने में योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग किया। इस दौरान संत निरंकारी मिशन की ओर से किए जा रहे सामाजिक सरोकार के कार्यों की सराहना की गई। वहीं, स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग व निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह ने मिशन के जोनल इंचार्ज को सम्मानित भी किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने किया। उन्होंने कहा कि खान-पान संबंधी जानकारी के अभाव से लोग अनजाने में बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसके साथ ही लोगों को खाद्य सुरक्षा संबंधी कानून की भी जानकारी होनी जरूरी है जिससे वे अपने अधिकार का भी उपयोग कर सके। स्वास्थ्य विभाग की अपील पर कार्यक्रम में स्कूली बच्चे, आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम में निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह व स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सा अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ और कर्मचारी भी शामिल हुए।
विज्ञापन
अधिकारी से कर्मचारी तक बिना मास्क के दिखे
कार्यक्रम के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के मानकों की अनदेखी अधिकारियों से कर्मचारियों तक में दिखी। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य निदेशक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बिना मास्क के नजर आए। वहीं, आंगनबाड़ी की कर्मचारियों ने भी मास्क पहनना उचित नहीं समझा। जबकि संत निरंकारी मिशन के स्वयंसेवक मास्क में नजर आए।
विज्ञापन
संत निरंकारी मिशन ने किया सहयोग
संत निरंकारी मिशन के 300 सेवादलों ने कार्यक्रम में शामिल होकर लोगों को जागरूक करने में योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग किया। इस दौरान संत निरंकारी मिशन की ओर से किए जा रहे सामाजिक सरोकार के कार्यों की सराहना की गई। वहीं, स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग व निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह ने मिशन के जोनल इंचार्ज को सम्मानित भी किया।