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Chandigarh News: सरकारी स्कूल के बाहर रोज इंतजार कर रहे छोटे बच्चे, गेट देर से खुलने से परेशानी
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चंडीगढ़। मलोया के आरसी-1 सरकारी स्कूल में बच्चों को रोज सुबह स्कूल के बाहर इंतजार करना पड़ रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चे तय समय पर सुबह 7 बजे स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन गेट देर से खोला जाता है। इस वजह से छोटे-छोटे बच्चों को लंबे समय तक बाहर बैठना और धूप में खड़ा रहना पड़ता है।
अभिभावक भगीरथ सिंह, राजिंदर कुमार ने बताया कि ज्यादातर परिवार मजदूरी, सफाई और घरेलू काम से जुड़े हैं। उन्हें सुबह जल्दी काम पर जाना होता है, इसलिए वे बच्चों को समय पर स्कूल छोड़ देते हैं। लेकिन गेट बंद मिलने पर उन्हें बच्चों के साथ बाहर इंतजार करना पड़ता है। कई बार छोटे बच्चे डर और परेशानी की वजह से रोने भी लगते हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या रोज की है, लेकिन वे शिकायत करने से डरते हैं ताकि उनके बच्चों को स्कूल में कोई परेशानी न हो।
स्कूल के सिक्योरिटी गार्ड का कहना है कि सुबह 7:50 बजे से पहले बच्चों को अंदर आने की अनुमति नहीं है। उसे स्कूल प्रबंधन ने यही निर्देश दिए हैं। गार्ड ने कहा कि स्टाफ और टीचर्स के आने से पहले किसी हादसे की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो सकता है। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल ने बच्चों को रोकने के आदेश देने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को बाहर रोका जा रहा है तो मामले की जांच की जाएगी। डीएसई ने भी पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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कोट....
इस मामले की जांच की जाएगी। बच्चों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। नितिश सिंगला, डीएसई
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अभिभावक भगीरथ सिंह, राजिंदर कुमार ने बताया कि ज्यादातर परिवार मजदूरी, सफाई और घरेलू काम से जुड़े हैं। उन्हें सुबह जल्दी काम पर जाना होता है, इसलिए वे बच्चों को समय पर स्कूल छोड़ देते हैं। लेकिन गेट बंद मिलने पर उन्हें बच्चों के साथ बाहर इंतजार करना पड़ता है। कई बार छोटे बच्चे डर और परेशानी की वजह से रोने भी लगते हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या रोज की है, लेकिन वे शिकायत करने से डरते हैं ताकि उनके बच्चों को स्कूल में कोई परेशानी न हो।
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स्कूल के सिक्योरिटी गार्ड का कहना है कि सुबह 7:50 बजे से पहले बच्चों को अंदर आने की अनुमति नहीं है। उसे स्कूल प्रबंधन ने यही निर्देश दिए हैं। गार्ड ने कहा कि स्टाफ और टीचर्स के आने से पहले किसी हादसे की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो सकता है। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल ने बच्चों को रोकने के आदेश देने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को बाहर रोका जा रहा है तो मामले की जांच की जाएगी। डीएसई ने भी पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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इस मामले की जांच की जाएगी। बच्चों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। नितिश सिंगला, डीएसई