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ब्यास में शीरा डालने के मामले में एक्सईएन और एसडीओ पर गिरी गाज, नौकरी गई
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 26 May 2018 10:31 AM IST
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सस्पेंड
पंजाब में कीड़ी अफगाना स्थित चड्ढा शुगर मिल से ब्यास दरिया में शीरा डालने के मामले में सरकार ने पहली विभागीय कार्रवाई की है। पर्यावरण विभाग के दो अधिकारियों पर इसकी गाज गिरी है। पर्यावरण मंत्री ओपी सोनी के आदेश के बाद बटाला क्षेत्रीय दफ्तर के एक्सईएन कुलदीप सिंह और एसडीओ अमृत पाल सिंह चाहल को सस्पेंड कर दिया गया है।
इन पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने का आरोप है। पर्यावरण विभाग के सोनी ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने अपने क्षेत्र कीड़ी अफगाना की सही ढंग से निगरानी नहीं की। समय-समय पर की जाने वाली चेकिंग में भी लापरवाही बरती। इससे ब्यास नदी में शीरा गिरने जैसी गंभीर घटना हुई। इनकी लापरवाही के कारण जल और जल जीवन को भारी नुकसान पहुंचा है, जो सहनीय नहीं है।
सोनी ने पर्यावरण विभाग के सभी अधिकारियों को हिदायत दी कि अपने क्षेत्र में नियमित चेकिंग यकीनी बनाएं। अगर कोई औद्योगिक इकाई नियमों का उल्लंघन करती मिले तो उस पर कार्रवाई की जाए। सोनी ने उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी इकाइयों को पर्यावरण विभाग के मानकों के मुताबिक ठीक कर लें। किसी भी इंडस्ट्री को औद्योगिक अवशेष नदियों, नालों में फेंकने नहीं दिया जाएगा।
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ऐसा कुछ भी पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार उद्योग समर्थक है, पर किसी इंडस्ट्री या व्यक्ति विशेष को वातावरण को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
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इन पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने का आरोप है। पर्यावरण विभाग के सोनी ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने अपने क्षेत्र कीड़ी अफगाना की सही ढंग से निगरानी नहीं की। समय-समय पर की जाने वाली चेकिंग में भी लापरवाही बरती। इससे ब्यास नदी में शीरा गिरने जैसी गंभीर घटना हुई। इनकी लापरवाही के कारण जल और जल जीवन को भारी नुकसान पहुंचा है, जो सहनीय नहीं है।
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सोनी ने पर्यावरण विभाग के सभी अधिकारियों को हिदायत दी कि अपने क्षेत्र में नियमित चेकिंग यकीनी बनाएं। अगर कोई औद्योगिक इकाई नियमों का उल्लंघन करती मिले तो उस पर कार्रवाई की जाए। सोनी ने उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी इकाइयों को पर्यावरण विभाग के मानकों के मुताबिक ठीक कर लें। किसी भी इंडस्ट्री को औद्योगिक अवशेष नदियों, नालों में फेंकने नहीं दिया जाएगा।
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ऐसा कुछ भी पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार उद्योग समर्थक है, पर किसी इंडस्ट्री या व्यक्ति विशेष को वातावरण को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।