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वर्ल्ड कप के हीरो राजअंगद बावा पहले करना चाहते थे अभिनय

Mon, 07 Feb 2022 02:24 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 07 Feb 2022 02:24 AM IST
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World Cup hero Rajangad Bawa wanted to act first
चंडीगढ़। आईसीसी अंडर- 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में जिस खिलाड़ी ने बेहतरीन गेंदबाजी और बल्ले से प्रदर्शन के दम पर मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता असल में वह क्रिकेटर नहीं एक्टर बनना चाहता था। जी हां! हम बात कर रहे हैं राज अंगद बावा की। लेकिन धर्मशाला के एक टूर में ऐसा मोड़ आया जिससे वह क्रिकेटर बन गए। यह कहना है इस युवा खिलाड़ी के पिता और कोच सुखविंदर बावा का। पिता ने बताया कि बेटा बचपन में पंजाबी गीत सुनने का शौकीन था और लगता था कि वह एक्टिंग में करिअर बनाए। इस दौरान एक बार कोचिंग के सिलसिले धर्मशाला गया था, वहां पर बच्चों को कोचिंग देते देख बेटे राजअंगद ने भी क्रिकेट में रुचि दिखानी शुरू कर दी थी।
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...तो ठान लिया बेटे को क्रिकेटर बनाऊंगा
धर्मशाला टूर के बाद राज अंगद ने गली-मोहल्लों में क्रिकेट खेलने शुरू कर दिया। इसके बाद पड़ोस के बच्चो के साथ टेनिस बॉल से मैच खेलना शुरू किया। इसके बाद बेटे का क्रिकेटर बनाने की ठान ली। नेट्स में अभ्यास के दौरान वह लंबे शॉट लगाने की कोशिश करता था। ऐसे में मैंने उसे टिक कर बल्लेबाजी करने को कहा।
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परिवार का खेलों से नाता
राजअंगद को खेल विरासत में मिला है। उनके दादा तरलोचन सिंह बावा ने बलबीर सिंह सीनियर और केशव दत्त जैसे दिग्गजों के साथ खेलते हुए 1948 लंदन खेलों के दौरान स्वतंत्र भारत का पहला ओलंपिक हॉकी स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद पिता सुखविंदर भी क्रिकेट खेले और क्रिकेट कोच बने।
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संयोग... युवराज सिंह और बावा ने वर्ल्ड कप फाइनल में 31 रन देकर लिए पांच विकेट
वर्ष 2011 वर्ल्ड कप में युवराज सिंह ने 31 रन देकर 5 विकेट चटकाए थे। उनके कोच भी सुखविंदर बावा ही थे। अब राजअंगद बावा ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में 31 रन देकर 5 विकेट हासिल किए हैं। इनके कोच और पिता सुखविंदर बावा ही हैं।
हरनूर सिंह के परिवार का भी क्रिकेट से नाता
हरनूर सिंह ने छह वर्ष की उम्र से ही क्रिकेट में रुचि दिखानी शुरू कर दी थी। इनके दादा रजिंदर सिंह खुद क्रिकेट खेलते थे और वर्ष 1960 में रणजी ट्रॉफी खेले थे। उन्होंने ही हरनूर को क्रिकेटर बनाने की ठानी थी। उनके कहने पर हरनूर ने क्रिकेट खेलनी शुरू की। हरनूर सिंह के चाचा भूपिंदर सिंह ने वर्ष 1989 में ढाका में हुए पहला एशिया कप खेला गया था, जिसमें भूपिंदर सिंह ने भारतीय टीम की ओर से खेलते हुए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता था। उनके प्ररेणा लेते हुए हरनूर भी क्रिकेट के क्षेत्र में मेहनत करने लगा।

दोनों खिलाड़ियों पर देश और पूरे शहर को नाज : टंडन
राजअंगद बावा और हरनूर सिंह दोनों ही यूटी क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से घरेेलू टूर्नामेंट में खेलते हैं। अंडर 19 वर्ल्ड कप को जिताने में यूटी क्रिकेट एसोसिएशन के प्रधान संजय टंडन ने वेस्टइंडीज में दोनों खिलाड़ियों से फोन पर संपर्क साथ उन्हें बधाई दी। उन्होेंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने देश के साथ शहर का नाम भी रोशन किया है। वापस आने पर इनको सम्मानित किया जाएगा। वहीं टंडन ने बीसीसीआई सचिव जय शाह का आभार व्यक्त किया जिसमें बीसीसीआई की ओर से विजेेेता टीम के हर खिलाड़ी को 40-40 लाख रुपये देने की घोषणा की है। उनके अनुसार इस सम्मान से शहर के उभरते खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा।
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