{"_id":"584585bf4f1c1be672447e37","slug":"women-s-safety-by-the-court-of-haryana-punjab-and-ut-reprimand-imposed","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला सुरक्षा पर कोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और यूटी को लगाई फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला सुरक्षा पर कोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और यूटी को लगाई फटकार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 06 Dec 2016 01:19 AM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिलाओं की सुरक्षा के लिए बसों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की नियुक्ति से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना न होने को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और यूटी के पुलिस प्रमुखों को फटकार लगाई।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के दौरान तीनों ने कहा था कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर बस में पुलिस कर्मी की तैनाती संभव नही हैं। हालांकि, हरियाणा-पंजाब व चंडीगढ़ ने बस में छेड़छाड़ रोकने के लिए महिलाओं की ड्राइवर व कंडक्टर की जिम्मेदारी तय की है। छेड़छाड़ की घटना सामने आने पर ड्राइवर और कंडक्टर महिला की सहायता करेंगे।
विज्ञापन
इसके साथ ही एफआइआर दर्ज करने में सहायता करेंगे। सरकारी बसों में महिला ड्राइवरों व कंडक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और ऐसे स्थानों पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
इस पर हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादी पक्ष को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर बस में पुलिस कर्मी तैनात करना जरूरी है, अगर वह ऐसा नही कर सकते तो सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत अर्जी दायर कर सकते है अन्यथा वह कोर्ट की अवमानना के दोषी होंगे।
इस पर चंडीगढ़ प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि इस बाबत वह पहले ही सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर चुका है।