फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Women are no less than warriors and heroes: script precursor

महिलाएं योद्धाओं और नायकों से कम नहीं : लिपि परिदा

Tue, 09 Mar 2021 03:43 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 03:43 AM IST
विज्ञापन
Women are no less than warriors and heroes: script precursor
पीयू की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोलतीं लिपि परिदा। - फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। आज की महिलाएं योद्धाओं और नायकों से कम नहीं हैं, जो हर दिन अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ती हैं। महिलाओं को देवी की संज्ञा ऐसे ही नहीं दी गई है। वह हर रोल को बखूबी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने में आत्मविश्वास लाएं। यह बात लेखक एवं वरिष्ठ कलाकार लिपि परिदा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित वेबिनार में कही। यह कार्यक्रम पीयू की एलुमनी एसोसिएशन की ओर आयोजित किया गया था। इस दौरान उन्होंने महिलाओं का हौसला बढ़ाया और अपने अनुभव भी बताए।
विज्ञापन

इस अवसर पर डिवीजनल कमिश्नर जालंधर गुरप्रीत सपरा ने कहा कि महिला के सफल होने में उसकी परवरिश और घर के माहौल का विशेष महत्व होता है। जो भी महिला सर्वोच्च पद पर पहुंचती है, उसकी उन्नति में घर के सदस्यों का विशेष योगदान होता है। डॉ. मिनी अरोड़ा केयर फिजिशियन ने कहा कि महिलाएं जन्म से ही सीखती हैं और उसी के जरिए आगे बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें रोगियों के इलाज के लिए प्रशिक्षण मिला है। कोई भी परेशानी हो, लेकिन वह अपना फर्ज नहीं भूलती। संतुष्टि और आंतरिक शक्ति का महिला के पास भंडार होता है। हमारे समाज के लिए महिलाओं ने जो किया है और कर रही हैं, उसे संजोने के लिए कोई एक दिन नहीं हो सकता है। इस मान्यता को पूरी प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए और अधिक से अधिक प्रवाह की आवश्यकता है। 94 वर्षीय उद्यमी हरभजन कौर ने अपनी स्कूली शिक्षा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा कमियों से भरी थी, लेकिन वह कभी भी महिला होने के पूर्वाग्रहों का शिकार नहीं हुई और हमेशा मुस्कुराते चेहरे के साथ सभी रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़ दिया।
विज्ञापन

मिसेज इंडिया 2018 संजना शर्मा ने महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वह उन महिलाओं की संगति में रहने वाली महसूस करती हैं, जो अपने चुने हुए क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और अपने आसपास के लोगों के जीवन में सफलता ला रही हैं, लेकिन शायद सभी महिलाएं विशेषाधिकार प्राप्त नहीं हैं। महिलाओं को अपने लिए खड़ा होना चाहिए और परिवार के सदस्यों को समतामूलक समाज को प्राप्त करने के लिए सभी रूढ़ियों को तोड़ते हुए उनका समर्थन करना चाहिए। इंजीनियर और सामाजिक कार्यकर्ता अनुराधा टंडन ने लड़कियों को आगे आने के लिए प्रेरित किया। पीयू की डीन एलुमनी रिलेशंस प्रो. अनुपमा शर्मा ने भी विचार रखे। आईपीएस नीलाम्बरी जगदाले व मान कौर, 104 वर्ष की एथलीट भी शामिल हुईं। उन्होंने अनुुुभव साझा किए। प्रो. अंजू सूरी ने भी विचार रखे। डॉ. मोनिका अग्रवाल ने सभी का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट----
‘नौकरी के साथ-साथ बढ़ता गया आत्मविश्वास’
पीयू के यूसोल विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वेबिनार हुआ। इस दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि नौकरी करते करते उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया। इसी के साथ अन्य कार्य भी आसान होते गए। महिलाओं को हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। डीन रिसर्च प्रो. राजेश गिल, पूर्व प्राचार्या डॉ. बीनू डोगरा, सीमा चौहान एडीए हरियाणा सरकार, मीडिया कर्मी वैशाली चौधरी, पुलिस अधिकारी अंबर रिजवी ने अपने अनुभव साझा किए। विभागाध्यक्ष प्रो. मधुरिमा वर्मा ने सभी का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed