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गैंगस्टर संपत नेहरा के खिलाफ बयान से मुकरा गवाह
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चंडीगढ़। गैंगस्टर संपत नेहरा के खिलाफ चल रहे हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले में सोमवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान गवाह संदीप अपने बयान से मुकर गया। उसने संपत नेहरा को पहचानने से भी इनकार कर दिया और कहा कि यह वो व्यक्ति नहीं है जिसने उस पर जानलेवा हमला किया था। अब इस मामले की सुनवाई आठ अप्रैल को होगी।
पुलिस को दी शिकायत में संदीप ने कहा था कि साल 2015 में सेक्टर-26 स्थित खालसा कॉलेज में छात्र संघ चुनाव हुआ था। जिसमें सर्वसम्मति से जगतार सिंह को प्रधान चुना गया था। संपत और जगतार में अनबन रहती थी। जगतार उसका दोस्त था, जिस वजह से संपत नेहरा उससे भी रंजिश रखने लगा। इसी के चलते संपत ने उसको जान से मारने की धमकी दी थी।
साल 2016 में संदीप अपने दोस्त जसप्रीत सिंह के साथ सेक्टर-10 में खड़ा था। उसी वक्त संपत सात से आठ साथियों के साथ आया और जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान संदीप को चोट आई। पीड़ित ने सेक्टर-3 थाने में शिकायत की। कुछ दिन बाद संदीप कुछ सामान खरीदने मनीमाजरा गया था। संपत नेहरा उसकी गाड़ी का पीछा करने लगा। उनसे बचते हुए वह सेक्टर-27 में घुस गया था। संपत ने उनकी कार को रोककर गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी थी। इस दौरान उसकी गाड़ी पर गोलियां भी बरसाईं थीं।
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पुलिस को दी शिकायत में संदीप ने कहा था कि साल 2015 में सेक्टर-26 स्थित खालसा कॉलेज में छात्र संघ चुनाव हुआ था। जिसमें सर्वसम्मति से जगतार सिंह को प्रधान चुना गया था। संपत और जगतार में अनबन रहती थी। जगतार उसका दोस्त था, जिस वजह से संपत नेहरा उससे भी रंजिश रखने लगा। इसी के चलते संपत ने उसको जान से मारने की धमकी दी थी।
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साल 2016 में संदीप अपने दोस्त जसप्रीत सिंह के साथ सेक्टर-10 में खड़ा था। उसी वक्त संपत सात से आठ साथियों के साथ आया और जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान संदीप को चोट आई। पीड़ित ने सेक्टर-3 थाने में शिकायत की। कुछ दिन बाद संदीप कुछ सामान खरीदने मनीमाजरा गया था। संपत नेहरा उसकी गाड़ी का पीछा करने लगा। उनसे बचते हुए वह सेक्टर-27 में घुस गया था। संपत ने उनकी कार को रोककर गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी थी। इस दौरान उसकी गाड़ी पर गोलियां भी बरसाईं थीं।
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