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फरीदाबाद, गुरुग्राम में बार/डिस्कोथेक को 12 बजे के बाद चलाने की क्यों दी गई अनुमति : हाईकोर्ट
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हाईकोर्ट में पंचकूला के क्लब मालिकों ने दाखिल की है याचिका
याचिका में आरोप, कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए मनमाने ढंग से बनाए नियम
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर हरियाणा सरकार से पूछा कि क्यों फरीदाबाद, गुरुग्राम में बार/डिस्कोथेक को 12 बजे के बाद भी संचालन की अनुमति दी गई है। साथ ही पूछा, कि क्या इस संबंध में अन्य प्रशासनिक एजेंसियों से कोई जानकारी प्राप्त हुई है।
पंचकूला की डीए बोडेगा हाॅस्पिटैलिटी और अन्य याचिकाकर्ताओं ने दायर याचिका में सवाल उठाए कि गुरुग्राम, फरीदाबाद को छोड़कर अन्य सभी जिलों में बार और पब रात 12 बजे के बाद संचालित करने पर रोक लगाई गई है। इसे मनमाना, भेदभावपूर्ण और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत निहित संवैधानिक अधिकारों का पूरी तरह से उल्लंघन बताया। याचिका में डीए बोडेगा हाॅस्पिटैलिटी और अन्य याचिकाकर्ताओं ने राज्य और अन्य प्रतिवादियों को न्याय, समानता और निष्पक्षता के हित में गुरुग्राम, फरीदाबाद के समान अन्य जिलों में बार और पब संचालित करने की अनुमति देने के निर्देश भी मांगे है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वह पंचकूला में बार और पब खोलने में करोड़ों रुपये की भारी राशि खर्च करने के बाद हाॅस्पिटैलिटी व्यवसाय चला रहे हैं। दलील दी गई कि सरकार ने मनमाने ढंग से और अपने पास मौजूद शक्तियों का दुरुपयोग करके 2024-25 की आबकारी नीति में नियम 9.8.8 में संशोधन किया है, जिससे राज्य के 20 जिलों में बार/पब खोलने का समय प्रतिबंधित कर दिया गया, इसमें पंचकूला भी शामिल है। याचिका में सरकार की यह नीति रद्द करने व पूरे राज्य के लिए एक समान नीति लागू करने के निर्देश देने का कोर्ट से आग्रह किया गया है।
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याचिका में आरोप, कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए मनमाने ढंग से बनाए नियम
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर हरियाणा सरकार से पूछा कि क्यों फरीदाबाद, गुरुग्राम में बार/डिस्कोथेक को 12 बजे के बाद भी संचालन की अनुमति दी गई है। साथ ही पूछा, कि क्या इस संबंध में अन्य प्रशासनिक एजेंसियों से कोई जानकारी प्राप्त हुई है।
पंचकूला की डीए बोडेगा हाॅस्पिटैलिटी और अन्य याचिकाकर्ताओं ने दायर याचिका में सवाल उठाए कि गुरुग्राम, फरीदाबाद को छोड़कर अन्य सभी जिलों में बार और पब रात 12 बजे के बाद संचालित करने पर रोक लगाई गई है। इसे मनमाना, भेदभावपूर्ण और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत निहित संवैधानिक अधिकारों का पूरी तरह से उल्लंघन बताया। याचिका में डीए बोडेगा हाॅस्पिटैलिटी और अन्य याचिकाकर्ताओं ने राज्य और अन्य प्रतिवादियों को न्याय, समानता और निष्पक्षता के हित में गुरुग्राम, फरीदाबाद के समान अन्य जिलों में बार और पब संचालित करने की अनुमति देने के निर्देश भी मांगे है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वह पंचकूला में बार और पब खोलने में करोड़ों रुपये की भारी राशि खर्च करने के बाद हाॅस्पिटैलिटी व्यवसाय चला रहे हैं। दलील दी गई कि सरकार ने मनमाने ढंग से और अपने पास मौजूद शक्तियों का दुरुपयोग करके 2024-25 की आबकारी नीति में नियम 9.8.8 में संशोधन किया है, जिससे राज्य के 20 जिलों में बार/पब खोलने का समय प्रतिबंधित कर दिया गया, इसमें पंचकूला भी शामिल है। याचिका में सरकार की यह नीति रद्द करने व पूरे राज्य के लिए एक समान नीति लागू करने के निर्देश देने का कोर्ट से आग्रह किया गया है।
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