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हरियाणा में आज से फसल खरीद शुरू : किसानों को सीधे खातों में होगा भुगतान, विरोध में एकजुट होंगे मंडियों के प्रधान

Thu, 01 Apr 2021 12:23 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 01 Apr 2021 12:23 AM IST
सार

  • हरियाणा में गेहूं खरीद के प्रबंध पूरे, सरकार ने अधिकारियों के लिए जारी की एसओपी
  • किसानों को मिलेगा सीधा पैसा, आढ़तियों को सरकार देगी आढ़त : सीएम मनोहर लाल

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Wheat procurement start from today in Haryana
गेहूं खरीद। - फोटो : फाइल

विस्तार

हरियाणा की मंडियों में गेहूं खरीद के प्रबंध का काम पूरा हो गया है। सरकार ने इस संदर्भ में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। सभी अधिकारियों की एसओपी के मुताबिक जिम्मेदारी तय की गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि सभी जिला उपायुक्तों को इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

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उन्होंने बताया कि किसानों के संबंध में लॉग-इन फार्म, मेरी फसल मेरा ब्यौरा, परिवार पहचान पत्र आदि जानकारी भरने का तरीका भी बताया गया है। भुगतान किस प्रकार होगा यह जानकारी भी दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संबंध में सभी मंडियों के बाहर किसानों को पंपलेट भी दिए जाएंगे। सीएम ने स्पष्ट किया कि जे-फार्म कटने के 72 घंटे में अगर किसानों को अदायगी नहीं हुई तो उन्हें नौ प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा। इस संबंध में भी सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
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सरकार का प्रयास है कि इस साल शत प्रतिशत अदायगी किसानों को उनके खातों के माध्यम से की जाए। आढ़तियों को मिलने वाली आढ़त सरकार ने अपने सिर लेते हुए फैसला किया है कि सरकार द्वारा ही आढ़तियों को आढ़त की अदायगी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन किसानों के द्वारा कल से गेहूं मंडियों में लाया जाएगा, उन किसानों को आज एसएमएस भेजे जा चुके हैं। प्रदेश में काफी संख्या में कृषि उत्पादक संघ हैं, इनमें से 380 संघों की सूची जिला उपायुक्तों को भेजी गई है, जो खरीद प्रक्रिया में प्रशासन का सहयोग करेंगी।

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करनाल में एकजुट होंगे सभी मंडियों के प्रधान

उधर, किसानों के खाते में सीधे राशि डालने के फैसले के विरोध में प्रदेशभर के आढ़तियों ने पांच अप्रैल को करनाल में बैठक बुलाई है। इस बैठक में ही आगामी फैसला लिया जाएगा कि वे खरीद में सरकार की मदद करेंगे या फिर इससे दूर रहेंगे। हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन रजनीश चौधरी ने कहा कि किसानों की इच्छा के अनुसार भुगतान किया जाए। इसको लेकर अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद भी इसको लेकर कोई समाधान नहीं निकाला गया। इसके अलावा भी आढ़तियों की कई मांगें लंबित हैं।

एक तो अभी तक पिछले सीजन का करोड़ों रुपये बकाया है और न ही ब्याज मिला है। खरीद के समय टोकन सिस्टम नहीं होना चाहिए और जे फार्म की मजदूरी जे फार्म से ही काटी जाए। पिछले कई दिनों से एसोसिएशन के पदाधिकारी सीएम से मिलने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन समय नहीं मिला है। 

चौधरी का कहना है कि सरकार के रवेयै को देखते हुए ही बैठक बुलाई गई है। बैठक से पहले एसो. के सदस्य प्रदेश की सभी मंडियों में जाएंगे और आढ़तियों की समस्याएं जानेंगे। इसके बाद करनाल में सभी मंडियों के प्रधान और राज्य कार्यकारिणी के सदस्य सर्वसम्मति से फैसला लेंगे। पांच अप्रैल तक आढ़ती खरीद में सहयोग करेंगे, इसके बाद जो फैसला होगा, उसके अनुसार काम किया जाएगा। 

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