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दो साल बाद मास्क से आजादी: चंडीगढ़ में अब नहीं कटेगा चालान, मगर प्रशासन जागरूक करेगा

Mon, 04 Apr 2022 09:11 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 04 Apr 2022 09:11 PM IST
सार

चंडीगढ़ प्रशासन ने बीते दिनों में मास्क व शारीरिक दूरी के नियमों को छोड़कर अन्य सभी पाबंदियों को खत्म कर दिया था। सोमवार को यह दोनों पाबंदियां भी हटा दी गईं। 

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Wearing mask is not mandatory in Chandigarh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

चंडीगढ़ वासियों को दो साल बाद मास्क से आजादी मिल गई। यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने सोमवार को मास्क पहनने की अनिवार्यता को समाप्त करने का आदेश दे दिया। शहर में अब मास्क लगाना वैकल्पिक होगा। हालांकि प्रशासन लोगों को मास्क लगाए रखने के लिए जागरूक करता रहेगा लेकिन अगर किसी ने मास्क नहीं लगाया होगा तो उसका चालान नहीं कटेगा।

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कोरोना का संक्रमण कम होने पर करीब दो साल के लंबे अंतराल के बाद यूटी प्रशासन ने मास्क पहनने की बाध्यता को खत्म कर दिया है। धर्मपाल की तरफ से आदेश जारी करने के बाद अब सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनना लोगों की मर्जी पर निर्भर होगा। मास्क न पहनने पर न तो चालान कटेगा और न जुर्माना लगेगा। 
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यूटी प्रशासन ने यह फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि शहर में लगभग सभी को कोरोना का टीका लग चुका है। माना जा रहा है कि कोरोना का संक्रमण फैलने का अब कोई खास खतरा नहीं है। प्रशासन ने बीते दिनों में मास्क व शारीरिक दूरी के नियमों को छोड़कर अन्य सभी पाबंदियों को खत्म कर दिया था। सोमवार को यह दोनों पाबंदियां भी हटा दी गईं। 

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बता दें कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली और हरियाणा सरकार ने भी मास्क की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। हालांकि प्रशासन लोगों को परामर्श जारी करके भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने के लिए कहता रहेगा। कोरोना संक्रमण के कारण यूटी प्रशासन ने अप्रैल 2020 में मास्क पहनने व अन्य कई पाबंदियां लगाई थीं। नाइट कर्फ्यू भी लागू कर दिया गया था। स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया था। इसके अलावा कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम कर दिया गया था। 

मास्क नहीं पहनने पर एक हजार रुपये का कटता था चालान
शहर में मास्क नहीं पहनने पर 1000 रुपये का चालान कटता था। ये चालान यूटी प्रशासन, एसडीएस और पुलिस की टीमें मिलकर करती थीं। इन टीमों की तरफ से शहर की विभिन्न मार्केटों में अभियान चलाए जाते थे और चालान काटे जाते थे। कोरोना की तीनों लहर में जब-जब कोरोना के केस बढ़े,  प्रशासन ने मास्क नहीं पहनने वालों पर सख्ती की लेकिन तीसरी लहर के बाद जैसे ही कोरोना के मामलों में कमी आई, चालान की संख्या भी बहुत कम हो गई। इन दिनों कोरोना के केस नाम मात्र हैं, इसलिए चालान भी नहीं हो रहे थे।
 

प्रशासन ने हमें सहूलियत दी है। ऐसे में अब हमारी जिम्मेदारी बनती है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों और सामूहिक आयोजन वाले स्थान पर जाते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें। इससे आने वाली संभावित लहर से बचाव भी संभव होगा। गंभीर रूप से बीमार लोगों को अब भी सजग रहने की जरूरत है। यह बात ठीक से समझना होगा कि मास्क का इस्तेमाल हम अपनी सुरक्षा के लिए कर रहे हैं। - डॉ. रविन्द्र खैवाल, पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग

 

शहर में कोरोना का संक्रमण अब न के बराबर है इसलिए लोगों के लिए मास्क पहनना अब वैकल्पिक होगा। चालान नहीं काटा जाएगा। मैंने आदेश जारी कर दिया है। हालांकि हम लोगों को सलाह देंगे कि वह मास्क पहनें। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक

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