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Chandigarh News: डॉ. केवल कृष्ण ने दुनिया में ऊंचा किया पीयू का नाम...विश्वभर के फॉरेंसिक वैज्ञानिकों में 13वां स्थान
Mon, 28 Apr 2025 12:44 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:44 AM IST
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर परचम लहराया है। फॉरेंसिक में एआई का इस्तेमाल करने वाले मानव शास्त्र विभाग के प्रोफेसर और अंतरराष्ट्रीय छात्र मामलों के डीन डॉ. केवल कृष्ण विश्वभर के फॉरेंसिक वैज्ञानिकों में शीर्ष 13वें स्थान पर रहे हैं। यह उपलब्धि न केवल पीयू के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
रैंकिंग स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा कराए गए बिब्लियोमेट्रिक विश्लेषण और एल्सेवियर डेटा रिपोजिटरी में प्रकाशित विज्ञान व्यापी लेखक डेटाबेस के आधार पर जारी की गई है। इस सूची में अमेरिका, यूरोप, यूके और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख वैज्ञानिक भी शामिल हैं। वैज्ञानिकों का चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित शोध पत्रों, साइटेशन और स्कोपस एच-इंडेक्स जैसे कई वैज्ञानिक मापदंडों के आधार पर किया गया।
फॉरेंसिक में किया एआई का उपयोग
प्रोफेसर केवल कृष्ण फोरेंसिक मानव विज्ञान के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध नाम है और भारत में फॉरेंसिक साइंस और मानव विज्ञान के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपराध जांच और अपराध स्थल विश्लेषण से जुड़े अनेक नए तरीके विकसित किए हैं, जिनमें मानव आकृति विज्ञान, फिंगर प्रिंट्स, फुट मार्क्स, चेहरे की बायोमेट्रिक्स, हस्ताक्षर प्रमाणन और फॉरेंसिक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग शामिल है।
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फॉरेंसिक विज्ञान के इनसाइक्लोपीडिया में भी महत्वपूर्ण योगदान
डॉ. कृष्ण दुनिया के सबसे अधिक साइटेड फॉरेंसिक वैज्ञानिकों में से एक हैं, जिनके शोध कार्य को एक लाख से अधिक साइटेशन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित फोरेंसिक विज्ञान के इनसाइक्लोपीडिया में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रो. कृष्ण ने वीसी प्रोफेसर रेनू विग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीयू में अत्याधुनिक शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों ने शोधकर्ताओं को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान में सहयोग से न केवल हमारी नवाचार क्षमता बढ़ती है बल्कि ज्ञान और व्यावहारिक सीमाओं को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
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रैंकिंग स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा कराए गए बिब्लियोमेट्रिक विश्लेषण और एल्सेवियर डेटा रिपोजिटरी में प्रकाशित विज्ञान व्यापी लेखक डेटाबेस के आधार पर जारी की गई है। इस सूची में अमेरिका, यूरोप, यूके और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख वैज्ञानिक भी शामिल हैं। वैज्ञानिकों का चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित शोध पत्रों, साइटेशन और स्कोपस एच-इंडेक्स जैसे कई वैज्ञानिक मापदंडों के आधार पर किया गया।
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फॉरेंसिक में किया एआई का उपयोग
प्रोफेसर केवल कृष्ण फोरेंसिक मानव विज्ञान के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध नाम है और भारत में फॉरेंसिक साइंस और मानव विज्ञान के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपराध जांच और अपराध स्थल विश्लेषण से जुड़े अनेक नए तरीके विकसित किए हैं, जिनमें मानव आकृति विज्ञान, फिंगर प्रिंट्स, फुट मार्क्स, चेहरे की बायोमेट्रिक्स, हस्ताक्षर प्रमाणन और फॉरेंसिक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग शामिल है।
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फॉरेंसिक विज्ञान के इनसाइक्लोपीडिया में भी महत्वपूर्ण योगदान
डॉ. कृष्ण दुनिया के सबसे अधिक साइटेड फॉरेंसिक वैज्ञानिकों में से एक हैं, जिनके शोध कार्य को एक लाख से अधिक साइटेशन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित फोरेंसिक विज्ञान के इनसाइक्लोपीडिया में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रो. कृष्ण ने वीसी प्रोफेसर रेनू विग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीयू में अत्याधुनिक शोध और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों ने शोधकर्ताओं को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान में सहयोग से न केवल हमारी नवाचार क्षमता बढ़ती है बल्कि ज्ञान और व्यावहारिक सीमाओं को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।