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होटल ललित के 5 डायरेक्टरों के खिलाफ समन जारी, जानिए क्या है मामला?

Wed, 29 Nov 2017 09:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 29 Nov 2017 09:13 AM IST
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Warent released for five directors of Hotel lalit
अदालत। - फोटो : amar ujala
आईटी पार्क स्थित होटल ललित में मार्च 2014 में सगाई में आए 21 वर्षीय युवक की ऊपरी मंजिल से गिरकर मौत के मामले में जिला अदालत ने मंगलवार को होटल ललित के डायरेक्टरों को समन जारी किए हैं।
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अदालत ने यह कार्रवाई मामले में होटल प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ दायर याचिका पर की है। अदालत ने होटल के डायरेक्टर्स को 4 जनवरी 2018 के लिए समन जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है।
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मृतक के परिजनों ने होटल प्रबंधन के खिलाफ उनकी लापरवाही से बेटे की मौत पर 50 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने के लिए सूट दायर किया है। 20 मार्च 2014 को आईटी पार्क स्थित होटल ललित में सगाई समारोह था। इसमें बरनाला निवासी मनी सिंह परिवार समेत गया हुआ था। कार्यक्रम के दौरान मनी होटल के एग्जॉस्ट शाफ्ट में गिर गया।
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होटल प्रबंधन हादसे के बाद परिवार को जानकारी दिए बिना मनी को जीएमसीएच-32 ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता विजय कुमार सिंगला ने पुलिस में होटल प्रबंधन और स्टॉफ के खिलाफ शिकायत दी थी।

उनका आरोप था कि होटल स्टॉफ की लापरवाही के कारण उनके बेटे की मौत हुई। उनका आरोप था कि होटल प्रबंधन और स्टॉफ ने हादसे के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी, जब उनके बेटे को अस्पताल ले गए और उसकी मौत हो गई तब उन्हें इसके बारे में बताया।

इसके बाद पीड़ित परिवार की ओर से एडवोकेट दीक्षित अरोड़ा ने फरवरी में अदालत में सूट दायर किया था। इसी पर अदालत ने होटल के डायरेक्टर्स को समन जारी किए हैं। सूट के अनुसार शिकायतकर्ता विजय कुमार को उनके बेटे मनी की अचानक मौत से बहुत धक्का लगा है।

साथ ही उन्हें जब पता लगा कि पुलिस की जांच रिपोर्ट में होटल प्रबंधन को उनकी लापरवाही के बावूजद पार्टी नहीं बनाया गया तो उन्हें और भी आश्चर्य हुआ। उनका कहना था कि होटल प्रबंधन की लापरवाही के कारण उन्होंने अपने बेटे को खोया है। होटल प्रबंधन को वह आसानी से नहीं छोड़ेंगे।

इससे पहले मृतक के परिजनों की ओर से मामले में होटल प्रबंधन की लापरवाही की अनदेखी पर पुलिस को मामले में फिर से जांच को लेकर याचिका दायर की गई थी। उनका कहना था कि पुलिस मामले में होटल डायरेक्टर्स को आरोपी बनाने से बचा रही है। याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पुलिस को मामले की आगे की जांच के आदेश दिए थे। साथ ही मामले की अब तक की हुई जांच पर असंतुष्टि जताई थी।

यह था आरोप
पीड़ित के परिजनों की ओर से एडवोकेट दीक्षित अरोड़ा का कहना था कि पुलिस ने मामले में पेश चालान में होटल प्रबंधन और स्टॉफ की गलती की अनदेखी करते हुए आर्किटेक्ट के खिलाफ चालान पेश किया था।


याचिका के अनुसार पुलिस ने मामले की ठीक से जांच नहीं की और होटल स्टॉफ को बचा रहा है। हालांकि, पुलिस ने शुरुआत में होटल प्रबंधन और स्टॉफ के खिलाफ केस दर्ज किया था, लेकिन कोर्ट में केवल आर्किटेक्ट अचल कटारिया के खिलाफ चालान पेश किया।
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