Punjab election 2022: निर्दलियों से दूरी बना रहे पंजाबी, 25 साल में वोट शेयर घटा, विधायकों की संख्या भी दो पर सिमटी
2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिअद ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। चुनाव में बदले इन समीकरणों का सीधा असर निर्दलीय प्रत्याशियों के वोट प्रतिशत पर पड़ा। सबसे ज्यादा नुकसान आप के चुनावी रण में आने से निर्दलीय प्रत्याशियों को उठाना पड़ा।
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पंजाब में मतदाताओं को रिझाने में निर्दलीय नाकाम होते जा रहे हैं। यही कारण है कि गुजरे 25 वर्षों में निर्दलीय उम्मीदवारों के वोट प्रतिशत में 15 प्रतिशत तक गिरावट आ गई है। जबकि 1997 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के 20 प्रतिशत वोट निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गए थे। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यही हाल रहा तो आने वाले चुनाव में इस वोट प्रतिशत में और गिरावट दर्ज की जाएगी।
कभी पंजाब की सत्ता बनाने में किंगमेकर की भूमिका निभाने वाले निर्दलीय अब हाशिए पर आना शुरू हो गए हैं। सीटों की संख्या कम होने के साथ ही 25 वर्षों में इनके वोट प्रतिशत में लगातार गिरावट आई है। राजनीतिक विश्लेषक इसके पीछे की वजह चुनाव दोकोणीय होने के बजाय अब बहुकोणीय होने को बता रहे हैं।
2017 से पहले जितने भी विधानसभा चुनाव हुए हैं। हमेशा कांग्रेस और शिअद में आमने-सामने की ही टक्कर होती रही है। 2017 में आम आदमी पार्टी के चुनाव में प्रवेश करते ही बदलाव की बयार बननी शुरू हुई। रही सही कसर 2021 में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन टूटने से पूरी हो गई।
2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिअद ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। चुनाव में बदले इन समीकरणों का सीधा असर निर्दलीय प्रत्याशियों के वोट प्रतिशत पर पड़ा। सबसे ज्यादा नुकसान आप के चुनावी रण में आने से निर्दलीय प्रत्याशियों को उठाना पड़ा। इन्हीं कारणों से 25 वर्षों में पांच विधानसभा चुनाव में निर्दलीय को मिलने वाला वोट प्रतिशत कम पड़ा है।
2014 से आया बदलाव
पंजाब में यह बदलाव की बयार 2014 से ही शुरू हो गई थी। आप ने इस साल पंजाब में सक्रिय होकर काम करना शुरू कर दिया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में दोकोणीय होने वाला चुनाव त्रिकोणीय हो गया। इस बार का चुनावी मुकाबला पहली बार बहुकोणीय दिखाई दिया। इससे पहले निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका में होते थे। जिस दल के पास बहुमत के अंक में कमी होती थी तो उसे पूरा करने में निर्दलीय विधायक प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं।
25 वर्षों में वोट प्रतिशत में आई गिरावट
- वर्ष सीटों की संख्या वोट प्रतिशत (प्रतिशत में)
- 1997 09 19.96
- 2002 11 21.75
- 2007 05 09.60
- 2012 03 13.71
- 2017 02 5.65