{"_id":"62df00eb2c311606045e11c6","slug":"visible-willpower-completed-the-desert-journey-of-1070-km-in-18-days-by-running-chandigarh-news-pkl4576423150","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिखाई इच्छाशक्ति, 1070 किलोमीटर का रेगिस्तानी सफर दौड़ लगाकर 18 दिन में किया पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिखाई इच्छाशक्ति, 1070 किलोमीटर का रेगिस्तानी सफर दौड़ लगाकर 18 दिन में किया पूरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। अगर दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कुछ भी हासिल किया जाता है। यह चरितार्थ किया है एक महिला हवलदार के बेटे ने। 27 साल के अंकित मालिक उर्फ टाइगर ने 18 दिन में 1070 किलोमीटर का रेगिस्तानी सफर दौड़ लगाकर पूरा किया है। यह सफर उन्होंने सूरतगढ़ से पाकिस्तान और भारत की सीमा पर स्थित नडाबेट तक का किया। अब वह लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में जगह बनाने के लिए कड़ा अभ्यास कर रहे हैं।
सेक्टर-26 पुलिस लाइन में रहने वाले अंकित मालिक ने बताया कि हाल ही में भीषण गर्मी और लू के कारण तापमान चर्म पर था। ऐसे में रेगिस्तान में दौड़ लगाना खतरे से खाली नहीं था। बावजूद इसके वह रोजाना 50 से 60 किलोमीटर का सफर दौड़ लगाकर तय करते थे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्होंने चंडीगढ़ से कन्याकुमारी तक का 3200 किलोमीटर लंबा सफर लगभग दो सप्ताह में अकेले ही साइकिल से तय किया था। अंकित ने बताया की उनका अगला लक्ष्य एवरेस्ट बेस कैंप का है। इस चैलेंज को वह अक्तूबर में शुरू करेंगे। उन्होंने कहा की माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर देश का झंडा फहराने का उनका मकसद है। अंकित की माता दीपक कुमारी सेक्टर-39 थाने में हवलदार के पद पर तैनात हैं।
बॉक्स
बॉडी बनाने के शौकीन मलिक खुद को रखते हैं फिट
अंकित मलिक ने बताया कि उन्होंने स्कूल के दिनों से ही शारीरिक अभ्यास शुरू कर दिया था। बॉडी बनाने के शौक के चलते वह फिटनेस पर ध्यान देते हैं। उन्होंने बताया कि वह खुद एक फिटनेस ट्रेनर भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेक्टर-26 पुलिस लाइन में रहने वाले अंकित मालिक ने बताया कि हाल ही में भीषण गर्मी और लू के कारण तापमान चर्म पर था। ऐसे में रेगिस्तान में दौड़ लगाना खतरे से खाली नहीं था। बावजूद इसके वह रोजाना 50 से 60 किलोमीटर का सफर दौड़ लगाकर तय करते थे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्होंने चंडीगढ़ से कन्याकुमारी तक का 3200 किलोमीटर लंबा सफर लगभग दो सप्ताह में अकेले ही साइकिल से तय किया था। अंकित ने बताया की उनका अगला लक्ष्य एवरेस्ट बेस कैंप का है। इस चैलेंज को वह अक्तूबर में शुरू करेंगे। उन्होंने कहा की माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर देश का झंडा फहराने का उनका मकसद है। अंकित की माता दीपक कुमारी सेक्टर-39 थाने में हवलदार के पद पर तैनात हैं।
विज्ञापन
बॉक्स
बॉडी बनाने के शौकीन मलिक खुद को रखते हैं फिट
अंकित मलिक ने बताया कि उन्होंने स्कूल के दिनों से ही शारीरिक अभ्यास शुरू कर दिया था। बॉडी बनाने के शौक के चलते वह फिटनेस पर ध्यान देते हैं। उन्होंने बताया कि वह खुद एक फिटनेस ट्रेनर भी हैं।
विज्ञापन