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आईडीएफसी बैंक घोटाला: सीबीआई का तीसरा आरोपपत्र दाखिल, हरियाणा कैडर के 6 आईएएस अधिकारियों के नाम
Wed, 02 Sep 2026 04:56 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला (हरियाणा)
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 02 Sep 2026 04:56 PM IST
सार
पंचकूला स्थित सीबीआई मामलों की विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में हरियाणा कैडर के छह आईएएस अधिकारी, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तीन अधिकारी, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का एक अधिकारी और हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
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आईडीएफसी बैंक
- फोटो : फाइल
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विस्तार
हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों में सरकारी धन की कथित हेराफेरी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 आरोपियों के खिलाफ तीसरा आरोपपत्र दाखिल किया है। पंचकूला स्थित सीबीआई मामलों की विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में हरियाणा कैडर के छह आईएएस अधिकारी, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तीन अधिकारी, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का एक अधिकारी और हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
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सीबीआई के मुताबिक मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और संस्थाओं के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक तथा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में रखे सरकारी धन की कथित हेराफेरी से जुड़ा है। जांच में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल, साक्ष्य नष्ट करने, खातों में हेराफेरी और आपराधिक विश्वासघात सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत और आपराधिक कदाचार के आरोप सामने आए हैं।
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आठ विभागों का फंड प्रभावित
जांच के अनुसार, आरोपी सरकारी अधिकारियों और बैंक अधिकारियों ने कथित मिलीभगत से योजनाबद्ध तरीके से सरकारी धन दूसरे खातों में ट्रांसफर करवाया। सीबीआई का आरोप है कि हरियाणा वित्त विभाग की वित्तीय सावधानी और धोखाधड़ी रोकने संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया। रकम ऐसे तीसरे पक्षों को भेजी गई, जिनका संबंधित सरकारी विभागों से कोई संबंध नहीं था। बाद में कई बैंक खातों के जरिए रकम को घुमाकर नकदी में बदला गया।
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इससे पंचायत विभाग, पंचकूला व कालका नगर निगम, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड प्रभावित हुए। सीबीआई के अनुसार सरकारी धन की हेराफेरी की कुल राशि 504 करोड़ रुपये है।
अब तक 37 आरोपी आरोपपत्रित
पहले 18 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। तीसरे आरोप पत्र के बाद अब तक कुल 37 आरोपी आरोपपत्रित किए जा चुके हैं। सीबीआई ने 54 स्थानों पर तलाशी लेकर करीब 20 करोड़ रुपये के सोने समेत कई साक्ष्य जब्त किए हैं। अब तक 26 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह जांच पहले हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास थी, जिसे राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने अपने हाथ में लिया। चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी सीबीआई कर रही है। इनमें चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड-नगर निगम चंडीगढ़ और चंडीगढ़ अक्षय ऊर्जा एवं विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन सोसायटी से जुड़े मामले शामिल हैं। तीनों मामलों में जांच आगे भी जारी रहेगी।
अब तक 37 आरोपी आरोपपत्रित
पहले 18 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। तीसरे आरोप पत्र के बाद अब तक कुल 37 आरोपी आरोपपत्रित किए जा चुके हैं। सीबीआई ने 54 स्थानों पर तलाशी लेकर करीब 20 करोड़ रुपये के सोने समेत कई साक्ष्य जब्त किए हैं। अब तक 26 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह जांच पहले हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास थी, जिसे राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने अपने हाथ में लिया। चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी सीबीआई कर रही है। इनमें चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड-नगर निगम चंडीगढ़ और चंडीगढ़ अक्षय ऊर्जा एवं विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन सोसायटी से जुड़े मामले शामिल हैं। तीनों मामलों में जांच आगे भी जारी रहेगी।
पंचकूला स्थित सीबीआई मामलों की विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में हरियाणा कैडर के छह आईएएस अधिकारी, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तीन अधिकारी, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का एक अधिकारी और हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।