विदेशी धरती पर म्हारी छोरियां ने फिर किया कमाल, विनेश और दिव्या के गोल्ड समेत छह ने जीते मेडल
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विश्व रेसलिंग चैंपियनशिप से पहले स्पेन में ग्रांट प्रिक्स रेसलिंग टूर्नामेंट खेलने के साथ ही प्रैक्टिस कैंप के लिए पहुंची भारतीय महिला पहलवानों की धमाकेदार शुरुआत हुई है। सात पहलवानों में से छह ने मेडल जीते हैं, मेडल जीतने वाली पांच पहलवान हरियाणा की रहने वाली हैं।
विनेश फौगाट और दिव्या काकरान ने गोल्ड मेडल जीते हैं, जबकि बाकी चार ने सिल्वर मेडल जीता है। वहीं, साक्षी मलिक के पैर में चोट लगने से बड़ा झटका लगा है। इससे मलिक की विश्व चैंपियनशिप की तैयारियों पर असर पड़ेगा।
टोक्यो में 2020 में होने वाले ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के लिए एक महीने बाद ही विश्व चैंपियनशिप होनी है। इसमें हर भार वर्ग के पहले पांच पहलवानों को ओलंपिक का टिकट मिलना है। इसलिए पहलवानों ने पहली बार में ओलंपिक का टिकट पक्का करने के लिए प्रैक्टिस में जोर लगाया हुआ है।
विश्व चैंपियनशिप से पहले ही भारतीय महिला पहलवानों को स्पेन ग्रांट प्रिक्स रेसलिंग टूर्नामेंट के लिए स्पेन भेजा गया है। सात पहलवानों में से छह ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मेडल जीते हैं।
53 किलो में विनेश ने गोल्ड, 68 किलो में दिव्या काकरान ने गोल्ड, 50 किलो में सीमा ने सिल्वर, 57 किलो में पूजा ढांडा ने सिल्वर, 59 किलो में मंजू ने सिल्वर और 72 किलो में किरन ने सिल्वर मेडल जीता है।
साक्षी के पैर में लगी चोट, खेल भी नहीं सकी
भारतीय महिला पहलवानों के पदक जीतने से जहां खुशी है, वहीं ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक के पैर में चोट लग गई है। साक्षी मलिक को दो दिन पहले स्पेन में चोट लगी है, जिससे वह ग्रांट प्रिक्स टूर्नामेंट में नहीं खेल सकी है। साथ ही उनकी विश्व चैंपियनशिप की ट्रेनिंग पर असर पड़ेगा, क्योंकि पहलवानों को वहां अब कैंप करना है। साक्षी को अभी एक सप्ताह से ज्यादा समय तक कुश्ती से दूर रहना पड़ सकता है।