रेवाड़ीः एम्स के लिए सड़क पर उतरे ग्रामीण, 25 किमी पैदल चलकर जिला सचिवालय घेरा
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रेवाड़ी के मनेठी में एम्स की निर्माण की मांग को लेकर रविवार को धरनास्थल से 25 किलोमीटर की दूर पदयात्रा करके पहुंचे ग्रामीणों ने जिला सचिवालय पहुंचकर आवाज बुलंद की। पैदल मार्च में 800 लोगों ने एम्स के लिए हुंकार भरी। वहीं सचिवालय पहुंचे ग्रामीण उपायुक्त को ही ज्ञापन सौंपने के लिए अड़ गए और एसडीएम को बैरंग लौटा दिया। फिर उपायुक्त ने आकर ज्ञापन लिया।
वहीं मनेठी में धरनास्थल पर ग्रामीणों द्वारा 40 दिन से अनिश्चितकालीन धरना व 10 दिन से क्रमिक भूख हड़ताल भी की गई। संघर्ष समिति ने रविवार को मनेठी से सचिवालय तक पैदल मार्च का ऐलान किया हुआ था। तय कार्यक्रम के चलते सुबह आठ बजे से ही ग्रामीणों का धरनास्थल पर पहुंचना प्रारंभ हो गया। धरनास्थल पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने एम्स को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके कारण ग्रामीणों के सामने आंदोलन करने की नौबत आई है।
उनके ढुलमूल रवैये के कारण ही एम्स का निर्माण अधर में है। संसद में मनेठी में एम्स निर्माण को लेकर तीन बार चर्चा हुई, लेकिन स्थानीय सांसद द्वारा इसको लेकर कोई पैरवी नहीं की गई। वक्ताओं ने कहा कि यदि 19 नवंबर को गुरुग्राम के सुलतानपुर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में एम्स को लेकर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो समिति के सदस्यों की बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
इसके धरनास्थल से लगभग 800 से भी अधिक ग्रामीणों का काफिला साढ़े 9 बजे जिला सचिवालय के लिए पैदल ही रवाना हुआ। पैदल यात्रा में खोल क्षेत्र के अलावा महेंद्रगढ़ और अलवर जिला के भी विभिन्न गांवों के ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार व सांसद व विधायकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में करीब ढाई सौ महिलाएं भी शामिल हुई। मनेठी से पैदल चलकर ग्रामीण करीब 3 बजे जिला सचिवालय पहुंचे।
एक बार एसडीएम और एक बार उपायुक्त को लौटाया
पैदल चलकर जब ग्रामीण उपायुक्त को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देने पहुंचे तो गेट पर एसडीएम पहुंच गए। ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन देने के लिए मना कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि ज्ञापन उपायुक्त को ही सौंपेंगे। इसके बाद कैंप कार्यालय में मौजूद उपायुक्त करीब 3 बजकर 20 मिनट पर ज्ञापन लेने के लिए कार्यालय में पहुंच गए और 11 लोगों के अंदर आने की अनुमति दी गई।
इस पर ग्रामीणों ने यह कहकर ज्ञापन देने से मनाकर दिया कि लघु सचिवालय के गेट के सामने मौजूद सभी ग्रामीणों के बीच आकर ज्ञापन लिया जाए। इसके बाद करीब 3 बजकर 45 मिनट पर उपायुक्त दोबारा ग्रामीणों के बीच ज्ञापन लेने आए। लेकिन ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपने से मनाकर दिया कि लोगों के बीच आकर ही ज्ञापन ले। इसके बाद 3 बजकर 55 मिनट पर उपायुक्त ने लघु सचिवालय के बाहर गेट पर आकर जनता के बीच ज्ञापन लिया। इसी बीच ज्ञापन को लेकर अटेली के पूर्व विधायक नरेश यादव की भी एक ग्रामीण के साथ बहस हो गई।
इनकी रही उपस्थिति
ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन में पूर्व विधायक डॉ. एमएल रंगा, पूर्व विधायक शकुंतला भगवाड़िया, पूर्व विधायक जसवंत सिंह, पूर्व विधायक नरेश यादव, एम्स संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज सिंह, आजाद सिंह नांधा, पृथ्वीपाल सिंह, संजय मनेठी, पूर्व सरपंच सुरेश कुमार, ओपी सैन, डॉ बिल्लू, उप जिला प्रमुख जगफूल यादव, नीलम भगवाड़िया व अभय सिंह गुनवाल सहित अन्य मौजूद थे।