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झटकाः डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी हुई नामंजूर, अपने मूल विभाग में वापस जाएंगे यूटी के कर्मचारी
Sat, 07 Sep 2019 10:31 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2019 10:31 AM IST
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यूटी प्रशासन की इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी को बड़ा झटका लगा है। एक विभाग के कर्मचारी को दूसरे विभाग में ट्रांसफर करने की चंडीगढ़ प्रशासन की इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में खारिज किए जाने के बाद शुक्रवार को पर्सोनल डिपार्टमेंट ने पत्र जारी कर उन सभी कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में तत्काल प्रभाव से भेजने का आदेश दिया है, जिनका तबादला दूसरे विभागों में कर दिया गया था। यूटी प्रशासन में करीब 22 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।
प्रशासन की इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी को खारिज करने के संबंध में पिछले साल केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) द्वारा दिए गए आदेशों के खिलाफ दायर की गई चंडीगढ़ प्रशासन की याचिकाओं को एक माह पूर्व ही खंडपीठ ने खारिज कर दिया था। इस पॉलिसी के तहत 2016 में चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 550 कर्मचारियों का तबादला किया गया था, जिसमें करीब 150 कर्मचारियों को उनके मूल विभागों से हटाकर दूसरे डिपार्टमेंट में भेज दिया गया था। ये कर्मचारी कई सालों से एक ही विभाग में काम कर रहे थे।
कर्मचारियों ने बताया था गैरकानूनी
इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैट पहुंचे चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों ने कहा था कि कई कर्मचारियों का तबादला ऐसे विभागों या पदों पर कर दिया गया है, जिन पर सिर्फ प्रशिक्षित कर्मचारी ही काम कर सकते हैं। कैट ने सात अप्रैल 2017 को अपने आदेश में प्रशासन के इस कदम को गैरकानूनी व अन्यायपूर्ण बताते हुए स्थानांतरित कर्मचारियों को उन के विभागों में वापस भेजे जाने के आदेश दिए थे।
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मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि एक विभाग के कर्मचारी को दूसरे विभाग में भेजना ऐसा ही है जैसे किसी वकील को चार्टर्ड अकाउंटेंट के काम पर लगा दिया जाए। हाईकोर्ट ने अपने आदेशों में प्रशासन से कहा था कि अब तक कैट के आदेशों को लागू क्यों नहीं किया गया। इसके बाद डिपार्टमेंट ने यह आदेश जारी किया है।
इन कर्मचारियों को मिला लाभ
यह आदेश उन कर्मचारियों के लिए है, जिनका साल 2016 से 2017 में इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी के तहत तबादला किया गया था। प्रशासन के इस आदेश से करीब 150 कर्मचारी अपने मूल विभाग जाएंगे। पर्सोनल सेेक्रेटरी बीएल शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट में दायर याचिका के खारिज होने के बाद प्रशासन के द्वारा यह आदेश दिया गया है।
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प्रशासन की इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी को खारिज करने के संबंध में पिछले साल केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) द्वारा दिए गए आदेशों के खिलाफ दायर की गई चंडीगढ़ प्रशासन की याचिकाओं को एक माह पूर्व ही खंडपीठ ने खारिज कर दिया था। इस पॉलिसी के तहत 2016 में चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 550 कर्मचारियों का तबादला किया गया था, जिसमें करीब 150 कर्मचारियों को उनके मूल विभागों से हटाकर दूसरे डिपार्टमेंट में भेज दिया गया था। ये कर्मचारी कई सालों से एक ही विभाग में काम कर रहे थे।
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कर्मचारियों ने बताया था गैरकानूनी
इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैट पहुंचे चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों ने कहा था कि कई कर्मचारियों का तबादला ऐसे विभागों या पदों पर कर दिया गया है, जिन पर सिर्फ प्रशिक्षित कर्मचारी ही काम कर सकते हैं। कैट ने सात अप्रैल 2017 को अपने आदेश में प्रशासन के इस कदम को गैरकानूनी व अन्यायपूर्ण बताते हुए स्थानांतरित कर्मचारियों को उन के विभागों में वापस भेजे जाने के आदेश दिए थे।
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मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि एक विभाग के कर्मचारी को दूसरे विभाग में भेजना ऐसा ही है जैसे किसी वकील को चार्टर्ड अकाउंटेंट के काम पर लगा दिया जाए। हाईकोर्ट ने अपने आदेशों में प्रशासन से कहा था कि अब तक कैट के आदेशों को लागू क्यों नहीं किया गया। इसके बाद डिपार्टमेंट ने यह आदेश जारी किया है।
इन कर्मचारियों को मिला लाभ
यह आदेश उन कर्मचारियों के लिए है, जिनका साल 2016 से 2017 में इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी के तहत तबादला किया गया था। प्रशासन के इस आदेश से करीब 150 कर्मचारी अपने मूल विभाग जाएंगे। पर्सोनल सेेक्रेटरी बीएल शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट में दायर याचिका के खारिज होने के बाद प्रशासन के द्वारा यह आदेश दिया गया है।