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खुशखबरीः मध्य मार्ग पर पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच बनेगा अंडरपास, प्रशासक सहमत
Tue, 05 Nov 2019 12:28 PM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 05 Nov 2019 12:28 PM IST
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फाइल फोटो
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पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच पैदल यात्री अंडरपास के निर्माण को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को लेकर एक प्रेजेंटेशन दी और बताया कि पीजीआई और पीयू आने-जाने वाले हजारों लोगों को गाड़ियों की आवाजाही के बीच रोजाना सड़क पार करना पड़ता है। इस दौरान उन्हें काफी मुसीबत झेलनी पड़ती है।
कई लोग तो हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। प्रशासन के अधिकारियों ने सर्वे करने के बाद बैठक के दौरान पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर प्रशासक ने सहमति जता दी है। प्रशासक की आधिकारिक तौर पर मंजूरी के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जानकारी के अनुसार, यूटी इंजीनियरिंग विभाग ने सर्वे कर अंडरपास बनाने के लिए जगह को भी चिह्नित कर ली है।
गौरतलब है कि पीजीआई में प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्थानीय और दूसरे राज्यों से मरीज व उनके तीमारदार का आना-जाना होता है। इन लोगों को मरीजों के साथ पीजीआई जाने और आने के लिए मध्य मार्ग की रोड को ट्रैफिक के बीच पार करना पड़ता है। इससे कई समस्याएं आती हैं। इससे निपटने के लिए पिछले साल यूटी प्रशासन के अफसरों और पीजीआई डायरेक्टर की बीच एक बैठक हुई थी।
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इसके प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र का सर्वे किया गया और एक अंडरपास बनाने पर सहमति बनी। इस अंडरपास के बनने से पीयू आने व जाने वाले छात्रों को भी सड़क क्रास करने की जरूरत नही होगी।
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कई लोग तो हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। प्रशासन के अधिकारियों ने सर्वे करने के बाद बैठक के दौरान पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर प्रशासक ने सहमति जता दी है। प्रशासक की आधिकारिक तौर पर मंजूरी के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जानकारी के अनुसार, यूटी इंजीनियरिंग विभाग ने सर्वे कर अंडरपास बनाने के लिए जगह को भी चिह्नित कर ली है।
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गौरतलब है कि पीजीआई में प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्थानीय और दूसरे राज्यों से मरीज व उनके तीमारदार का आना-जाना होता है। इन लोगों को मरीजों के साथ पीजीआई जाने और आने के लिए मध्य मार्ग की रोड को ट्रैफिक के बीच पार करना पड़ता है। इससे कई समस्याएं आती हैं। इससे निपटने के लिए पिछले साल यूटी प्रशासन के अफसरों और पीजीआई डायरेक्टर की बीच एक बैठक हुई थी।
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इसके प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र का सर्वे किया गया और एक अंडरपास बनाने पर सहमति बनी। इस अंडरपास के बनने से पीयू आने व जाने वाले छात्रों को भी सड़क क्रास करने की जरूरत नही होगी।
अंडरपास के लिए बुनियादी ढांचे का भी अध्ययन
प्रशासक के निर्देश पर अंडरपास बनाने के लिए एक योजना बनाई गई। इंजीनियरिंग विभाग ने सर्वे कर अंडरपास के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित किया। सर्वे द्वारा अंडरपास के लिए पाइप और अन्य बुनियादी ढांचे का भी अध्ययन किया गया, जिसकी जानकारी सोमवार को प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को दी गई। यूटी इंजीनियरिंग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीजीआई में आने और जाने वाले मरीजों की सुविधा को देखते हुए अंडरपास बनाने का फैसला किया गया है।
ट्रैफिक रूट जाएगा बदला
अंडरपास का निर्माण शुरू होने पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक रूट का अध्ययन किया जा रहा है। अंडरपास का निर्माण कार्य हो जाने के बाद आम लोगों को सड़क पार करने में जहां आसानी होगी, वहीं वाहनों का आवागमन भी आसानी से हो सकेगा।
ट्रैफिक रूट जाएगा बदला
अंडरपास का निर्माण शुरू होने पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक रूट का अध्ययन किया जा रहा है। अंडरपास का निर्माण कार्य हो जाने के बाद आम लोगों को सड़क पार करने में जहां आसानी होगी, वहीं वाहनों का आवागमन भी आसानी से हो सकेगा।