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सात महीने से फंड न मिलने पर नाराजगी, सेक्टर 38 वेस्ट की आरडब्ल्यूए में एमसी के खिलाफ रोष
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चंडीगढ़। सेक्टर-38 वेस्ट की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन एचआईजी (अपर) ने नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। आरडब्ल्यूए की प्रेसिडेंट नेहा अरोड़ा ने कहा कि जनवरी महीने से उन्हें ग्रीन बेल्ट में बने शौचालयों की देखभाल करने के लिए जिम्मेदारी दी गई थी। उस दौरान पब्लिक शौचालयों की हालत बहुत ही खराब थी। इसके लिए कर्मचारी भी गए, जिनको वह सात महीने से खुद तनख्वाह दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के समय में वह कर्मचारियों की तनख्वाह नहीं रोक सकती थी, इसलिए तनख्वाह दी। इस बारे में नगर निगम को जानकारी दी गई, लेकिन हर बार वादा करके टाल दिया गया। नगर निगम कमिश्नर बताएं कि आखिर इन कर्मचारियों को सात महीने से वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा। पार्क की देखरेख के लिए फंड भी समय पर नहीं आ रहा है। उधर, एक्सईएन प्रितपाल सिंह का कहना है कि नगर निगम कमिश्नर से बात करें। नेहा अरोड़ा ने कहा कि नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। आरडब्ल्यूए ने शुरू से पैसे इकट्ठे करके सीसीटीवी कैमरे लगवाए, छतों की सफाई कराई। कोरोना काल में थाना पुलिस की मदद की गई, लेकिन आरडब्ल्यूए से धोखा ही हो रहा है।
एक या दो महीने का फंड रुका हो सकता है। यह भी कोरोना की वजह से देरी हुई है। लॉकडाउन हटने के बाद ज्यादातर लोगों को फंड दिया जा चुका है।
-प्रितपाल सिंह, एक्सईएन
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उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के समय में वह कर्मचारियों की तनख्वाह नहीं रोक सकती थी, इसलिए तनख्वाह दी। इस बारे में नगर निगम को जानकारी दी गई, लेकिन हर बार वादा करके टाल दिया गया। नगर निगम कमिश्नर बताएं कि आखिर इन कर्मचारियों को सात महीने से वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा। पार्क की देखरेख के लिए फंड भी समय पर नहीं आ रहा है। उधर, एक्सईएन प्रितपाल सिंह का कहना है कि नगर निगम कमिश्नर से बात करें। नेहा अरोड़ा ने कहा कि नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। आरडब्ल्यूए ने शुरू से पैसे इकट्ठे करके सीसीटीवी कैमरे लगवाए, छतों की सफाई कराई। कोरोना काल में थाना पुलिस की मदद की गई, लेकिन आरडब्ल्यूए से धोखा ही हो रहा है।
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एक या दो महीने का फंड रुका हो सकता है। यह भी कोरोना की वजह से देरी हुई है। लॉकडाउन हटने के बाद ज्यादातर लोगों को फंड दिया जा चुका है।
-प्रितपाल सिंह, एक्सईएन