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किसानों की मौत पर बवाल: यूपी पुलिस ने पंजाब सरकार से किया आग्रह, किसी को न आने दें लखीमपुर खीरी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 04 Oct 2021 10:43 AM IST

सार

लखीमपुर खीरी में हुए बवाल के बाद सोमवार को किसान अमृतसर के भाजपा कार्यालय के बाहर पहुंचे और कार्यालय घेर लिया।
लखीमपुर खीरी बवाल
लखीमपुर खीरी बवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

लखीमपुर खीरी में रविवार को हुए बवाल के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर राज्य से किसी को भी लखीमपुर खीरी नहीं जाने देने का आग्रह किया है। रविवार को हिंसा के बाद लखीमपुर में सीआरपीसी की धारा 144 लागू की गई थी। वहीं पंजाब सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार को खत लिखकर कहा है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी लखीमपुर खीरी जाना चाहते हैं। आप उनका हेलीकॉप्टर उतारने की इजाजत दें।



यह भी पढ़ें - लखीमपुर खीरी कांड: यूपी पुलिस पर गरजीं प्रियंका गांधी, कहा- छू कर देखो मुझे...अपने अफसरों-मंत्रियों से जाकर वारंट लाओ 


सुनील जाखड़ ने किया ट्वीट
पंजाब के कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ ने ट्वीट किया कि जैसे 3 अक्तूबर, 1977 को इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी जनता पार्टी की सरकार की बर्बादी साबित हुई, वैसे ही तीन अक्तूबर, 2021 को प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी भाजपा सरकार के अंत की शुरुआत है। लखीमपुर खीरी में हुए बवाल के बाद सोमवार को किसान अमृतसर के भाजपा कार्यालय के बाहर पहुंचे और कार्यालय घेर लिया।


सुखबीर ने की कार्रवाई की मांग
वहीं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने लखमीरपुर खीरी में शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचलने के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र के खिलाफ तुरंत हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। 
 

यह था मामला
दरअसल कृषि कानूनों और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की टिप्पणी का विरोध कर रहे किसानों और मंत्री के बेटे के बीच रविवार को यूपी में हिंसक टकराव हो गया। तिकुनियां कस्बे में हुए बवाल के दौरान मंत्री के बेटे आशीष मिश्र की गाड़ी से कुचलकर चार किसानों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। जानबूझकर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगाते हुए गुस्साए किसानों ने मंत्री के बेटे की दो गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। 


मंत्री के बेटे ने खेतों में भागकर जान बचाई, लेकिन इस दौरान हुई पिटाई से चालक की मौत हो गई। बवाल के बाद भाकियू नेता राकेश टिकैत के दिल्ली से कूच करने की सूचना के बाद किसानों ने कस्बे के इंटर कॉलेज में मृत किसानों के शव रखकर धरना शुरू कर दिया। देर रात तक आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंच गए।

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