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बिना लाइसेंस कहीं भी लगाई रेड़ी-फड़ी तो लगेगा 15,000 का जुर्माना

Sun, 05 Mar 2017 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 05 Mar 2017 09:19 AM IST
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Unlicensed vendors, chandigarh news, 15 thousand fine
- फोटो : Demo Pic
शहर में बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले वेंडर्स पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। एक अप्रैल से नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ता यह जुर्माना वसूल करेगा। अभी शहर के प्रमुख बाजार सेक्टर-17, 22, 19 और 35 में नगर निगम ने वेंडर्स को 31 मार्च तक लाइसेंस दिए जाते हैं। कंपनी की ओर से सर्वे किए गए वेंडर्स को यह लाइसेंस दिए जाएंगे। इन चारों बाजारों में नगर निगम ने वेडिंग जोन भी तय कर दिए हैं। यह जोन मंजूरी के लिए प्रशासन के वास्तुकार विभाग के पास भेजे गए हैं। स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत फड़ी वाले लोगों को नगर निगम की ओर से तय जगह पर काम करना होगा। हर वेंडर को 5 फुट चौड़ी और 7 फुट लंबी जगह अलाट की जाएगी। 
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कितने वेंडर हैं प्रमुख बाजारों में
कंपनी की ओर से किए गए सर्वे में सेक्टर-17 में 1074, सेक्टर-22 में 1813 वेंडर्स के नाम सामने आए हैं, जबकि सेक्टर-19 में 624 और 35 में 245 वेंडर्स है। जिन्हें 31 मार्च तक लाइसेंस दिए जाएंगे। अभी इन वेंडर्स को अस्थायी तौर पर लाइसेंस दिए जाएंगे। वेडिंग जोन तय होने के बाद अगर जगह तंग होती है तो ड्रा के माध्यम से वेंडर्स को जगह अलाट की जाएगी। इन सभी बाजारों को नगर निगम ने ए कैटेगरी में शामिल किया है। इनकी मासिक लाइसेंस फीस नगर निगम ने 5 हजार रुपये प्रति वेंडर तय की थी, लेकिन मेयर आशा जसवाल के हस्तक्षेप के बाद अब लाइसेंस फीस तीन हजार रुपये तय की गई है।
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एक अप्रैल से अतिक्रमण के भी कटेंगे चालान

Unlicensed vendors, chandigarh news, 15 thousand fine
एक अप्रैल से अतिक्रमण के भी कटेंगे चालान  
पार्किंग या लोगों के पैदल चलने वालों की जगह पर दुकान लगाने वाले वेंडर्स का नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ता एक अप्रैल से चालान काटा जाएगा। इसके अलावा उनके भी चालान काटे जाएंगे जो कि सर्वे होने के बावजूद लाइसेंस फीस नहीं जमा करवाई हैऔर फड़ी लगा रहे हैं। मालूम हो कि 13 मई 2015 को नगर निगम ने एक्ट के तहत बाजार में फड़ी वालों का चालान काटने पर पाबंदी लगा दी थी। जबकि पहले फड़ी वालों का चालान 500 से एक हजार रुपये का काटा जाता था।

निगम की आमदनी घटी
स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू होेने से पहले नगर निगम को चालान काटने से ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई होती थी। जबकि पिछले वर्ष से अब तक 90 लाख रुपये मुश्किल से इकट्ठा हो पाए हैं। इनमें दुकानदारों के भी चालान भी शामिल हैं जो अपनी दुकान के बाहर सामान डिस्प्ले करते हैं।

जुर्माने की राशि 15 हजार रुपये इस लिए रखी गई है, ताकि नए वेंडर शहर में न बढ़ने पाएं। जिन वेंडर्स का सर्वे हुआ है वह ही फड़ी लगाएं। अन्य सेक्टरों के वेंडर्स को भी 31 मार्च के बाद लाइसेंस दिए जाएंगे।
-वीएन शर्मा, सदस्य,  वेंडिग जोन कमेटी
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