{"_id":"58cba6bb4f1c1b275a32a36a","slug":"unique-friendship-of-seven-family-members-at-panipat-of-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"7 परिवारों की दोस्ती की अनोखी कहानी आपको अपने दिन याद दिला देगी, देखिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
7 परिवारों की दोस्ती की अनोखी कहानी आपको अपने दिन याद दिला देगी, देखिए
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
Updated Sat, 18 Mar 2017 09:20 AM IST
विज्ञापन
7 परिवारों की दोस्ती की अनोखी कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सात परिवारों की दोस्ती की अनोखी कहानी पढ़कर आपको अपने दिन याद आ जाएंगे। आप इनकी तारीफ भी करेंगे और इनके जैसा बनने की कोशिश भी। ये सातों परिवार हरियाणा के पानीपत के रहने वाले हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में सामाजिक व पारिवारिक मेलजोल बढ़ाने के लिए सेक्टर 12 में रहने वाले सात परिवार छह साल से चाय पर चर्चा कर रहे हैं।
हर दिन सुबह सैर-सपाटे के बाद किसी एक परिवार के घर चाय पीने पहुंचते हैं। दिन बांटकर सबके घर चाय पीने का दिन तय किया गया है। हर दिन इसी तरह मिलकर ये परिवार बातचीत करते हैं। किसी को कारोबारी या आर्थिक सहयोग की जरूरत है तो सहयोग भी करते हैं। छह साल पहले तक एक-दूसरे को ये परिवार जानते तक नहीं थे। सेक्टर में रहने वाले रतन मित्तल की किरयाणा की दुकान है।
अजय सिंगला की कंप्यूटर, चंद्रश्याम शर्मा हैंडलूम, शीतल गर्ग रूई के होलसेल व्यापारी हैं। दीपक जैन डाइंग फैक्टरी चलाते हैं, अजीत जैन एक्सपोर्ट करते हैं और नरेंद्र जैन एलआईसी अधिकारी हैं। अजय सिंगला ने बताया कि सुबह पार्क में सैर के लिए निकलते तो एक-दूसरे से चर्चा हुई। इसके बाद दोस्ती हुई और धीरे-धीरे सभी के परिवार भी एक-दूसरे को जानने लगे।
विज्ञापन
हर दिन सभी को काम पर निकलना होता है और शाम को घर लौटना होता है। ऐसे में तय हुआ कि आपसी दुख-सुख में शामिल होने के लिए सुबह की चाय पर पारिवारिक चर्चा होगी। हर दिन किसी न किसी के घर चाय तय की है, जिसमें सभी परिवार पहुंचते हैं। शीतल गर्ग ने बताया कि दिन तय होने से परिवार को उनके घर चाय का इंतजार रहता है।
विज्ञापन
हर दिन सुबह सैर-सपाटे के बाद किसी एक परिवार के घर चाय पीने पहुंचते हैं। दिन बांटकर सबके घर चाय पीने का दिन तय किया गया है। हर दिन इसी तरह मिलकर ये परिवार बातचीत करते हैं। किसी को कारोबारी या आर्थिक सहयोग की जरूरत है तो सहयोग भी करते हैं। छह साल पहले तक एक-दूसरे को ये परिवार जानते तक नहीं थे। सेक्टर में रहने वाले रतन मित्तल की किरयाणा की दुकान है।
विज्ञापन
अजय सिंगला की कंप्यूटर, चंद्रश्याम शर्मा हैंडलूम, शीतल गर्ग रूई के होलसेल व्यापारी हैं। दीपक जैन डाइंग फैक्टरी चलाते हैं, अजीत जैन एक्सपोर्ट करते हैं और नरेंद्र जैन एलआईसी अधिकारी हैं। अजय सिंगला ने बताया कि सुबह पार्क में सैर के लिए निकलते तो एक-दूसरे से चर्चा हुई। इसके बाद दोस्ती हुई और धीरे-धीरे सभी के परिवार भी एक-दूसरे को जानने लगे।
विज्ञापन
हर दिन सभी को काम पर निकलना होता है और शाम को घर लौटना होता है। ऐसे में तय हुआ कि आपसी दुख-सुख में शामिल होने के लिए सुबह की चाय पर पारिवारिक चर्चा होगी। हर दिन किसी न किसी के घर चाय तय की है, जिसमें सभी परिवार पहुंचते हैं। शीतल गर्ग ने बताया कि दिन तय होने से परिवार को उनके घर चाय का इंतजार रहता है।