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वन नेशन वन कार्ड को लेकर केंद्र सरकार ने प्रशासन के साथ की बैठक
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चंडीगढ़। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वन नेशन-वन राशन कार्ड को लेकर बुधवार को केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में शहर में इस योजना के संबंध में लिए गए सभी फैसलों की जानकारी दी गई। इसके बाद केंद्रीय गृह सचिव ने प्रशासन के कार्यों की सराहना भी की।
प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2015 से ही इस योजना से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। शहर में वर्ष 2015 में डीबीटी स्कीम शुरू कर दी गई थी। इसके तहत राशन कार्ड धारकों को राशन का पैसा उनके खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाता है। बैठक में प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने चंडीगढ़ प्रशासन के खाद्य व आपूर्ति विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन के इस विभाग ने तेजी से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाले राशन को बांटने का काम किया है। परिदा ने कहा कि शहर में सरकारी दुकान नहीं होने के बावजूद अब तक इस योजना के तहत 60 प्रतिशत राशन का वितरण किया जा चुका है, जबकि इसके लिए नवंबर 2020 तक का लक्ष्य दिया गया है।
अन्य राज्यों के कार्ड भी चंडीगढ़ में होंगे मान्य
इस योजना के लाभ के बारे में प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने बताया कि देश के लगभग हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड की व्यवस्था है और उन्हें अभी भी सरकारी राशन की दुकानों से गेहूं, चावल, दाल, चीनी व अन्य सामान मिलता है। वन नेशन-वन राशन कार्ड की स्कीम के लागू होने के बाद जो मजदूर अन्य राज्यों से कार्ड लेकर चंडीगढ़ आएंगे, उनका राशन कार्ड चंडीगढ़ में मान्य होगा। डीबीटी के द्वारा राशन का पैसा सीधे उसके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। अन्य राज्यों से काम की तलाश में चंडीगढ़ पहुंचने पर मजदूर के राशन कार्ड को प्रशासन द्वारा पंजीकरण किया जाएगा। सभी जानकारियों को एकत्रित करने के बाद राशन की पैसे को उनके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। इसी तरह जब चंडीगढ़ के 64 हजार लाभार्थियों को जो कार्ड दिया जाएगा, वह देश के किसी भी राज्य में सरकारी राशन की दुकान पर ले जाकर राशन ले सकेंगे।
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प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2015 से ही इस योजना से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। शहर में वर्ष 2015 में डीबीटी स्कीम शुरू कर दी गई थी। इसके तहत राशन कार्ड धारकों को राशन का पैसा उनके खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जाता है। बैठक में प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने चंडीगढ़ प्रशासन के खाद्य व आपूर्ति विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन के इस विभाग ने तेजी से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाले राशन को बांटने का काम किया है। परिदा ने कहा कि शहर में सरकारी दुकान नहीं होने के बावजूद अब तक इस योजना के तहत 60 प्रतिशत राशन का वितरण किया जा चुका है, जबकि इसके लिए नवंबर 2020 तक का लक्ष्य दिया गया है।
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अन्य राज्यों के कार्ड भी चंडीगढ़ में होंगे मान्य
इस योजना के लाभ के बारे में प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने बताया कि देश के लगभग हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड की व्यवस्था है और उन्हें अभी भी सरकारी राशन की दुकानों से गेहूं, चावल, दाल, चीनी व अन्य सामान मिलता है। वन नेशन-वन राशन कार्ड की स्कीम के लागू होने के बाद जो मजदूर अन्य राज्यों से कार्ड लेकर चंडीगढ़ आएंगे, उनका राशन कार्ड चंडीगढ़ में मान्य होगा। डीबीटी के द्वारा राशन का पैसा सीधे उसके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। अन्य राज्यों से काम की तलाश में चंडीगढ़ पहुंचने पर मजदूर के राशन कार्ड को प्रशासन द्वारा पंजीकरण किया जाएगा। सभी जानकारियों को एकत्रित करने के बाद राशन की पैसे को उनके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। इसी तरह जब चंडीगढ़ के 64 हजार लाभार्थियों को जो कार्ड दिया जाएगा, वह देश के किसी भी राज्य में सरकारी राशन की दुकान पर ले जाकर राशन ले सकेंगे।
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