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Hindi News ›   Chandigarh ›   Union Finance Minister Nirmala Sitharaman present interim budget for financial year 2024-25

अंतरिम बजट: अन्नदाताओं को ब्याज मुक्त कर्ज जारी रहेगा, पंजाब में 24 लाख 93 हजार किसान हैं कर्ज में

Thu, 01 Feb 2024 01:27 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 01 Feb 2024 01:27 PM IST
सार

पंजाब के 24 लाख 92 हजार 663 किसानों ने बैंकों से 73 हजार 673 करोड़ रुपये का कर्ज ले रखा है। पंजाब में प्रति किसान औसत कर्ज 2.95 लाख रुपये हो चुका है। पंजाब सरकार ने अब तक 17.6 लाख में से केवल 8.20 लाख किसानों के खातों (47 प्रतिशत) को उनके भूमि रिकॉर्ड के साथ जोड़ा है, जो प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि के तहत लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

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Union Finance Minister Nirmala Sitharaman present interim budget for financial year 2024-25
Interim Budget 2024 - फोटो : Social Media

विस्तार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 का अंतरिम बजट पेश किया। 58 मिनट के बजट भाषण में वित्तीय मंत्री ने ना कोई नफा ना नुकसान का फार्मूला अपनाया। 
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केंद्र ने बजट में देशभर के अन्नदाताओं के लिए आगे भी ब्याज मुक्त कर्ज योजना को जारी रखने को घोषणा की। अन्नदाताओं को पीएम किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को प्रत्येक वर्ष छह हजार रुपये आर्थिक मदद देना जारी रखा जाएगा। देश में 11.8 करोड़ किसानों को इसका लाभ दिया जा रहा है। 
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पंजाब की अगर बात करें तो यहां कुल आबादी का 75 प्रतिशत लोग खेती से जुड़े हैं। पंजाब सरकार ने अब तक 17.6 लाख में से केवल 8.20 लाख किसानों के खातों (47 प्रतिशत) को उनके भूमि रिकॉर्ड के साथ जोड़ा है, जो प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि (पीएमकेएसएन) के तहत लाभ प्राप्त कर रहे हैं। देश भर में 11.8 करोड़ किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। वहीं पीएम फसल बीएम योजना के तहत देशभर में चार करोड़ किसानों को इसका मिल रहा है।
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नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) की रिपोर्ट पर नजर डालें तो पंजाब के किसान देश में प्रथम स्थान पर है, जहां राज्य के 24 लाख 92 हजार 663 किसानों ने बैंकों से 73 हजार 673 करोड़ रुपये का कर्ज ले रखा है। पंजाब में प्रति किसान औसत कर्ज 2.95 लाख रुपये हो चुका है। नाबार्ड की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात के किसान कर्ज लेने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं। यहां प्रति किसान संस्थागत कर्ज 2.28 लाख रुपये है। जबकि तीसरे नंबर पर 2.11 लाख रुपये के साथ हिमाचल और चौथे नंबर पर 1.78 लाख रुपये प्रति किसान के साथ आंध्र प्रदेश शामिल है। पंजाब के पड़ोसी राज्य हिमाचल में 5 लाख, 94 हजार, 446 किसानों ने 10 हजार 626 करोड़ रुपये का संस्थागत कर्ज ले रखा है।
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