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फरमानः सितंबर तक 50 फीसदी बजट खर्च करें विभाग
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 04 Mar 2016 12:33 PM IST
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एडवाइजर विजय कुमार देव
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ एडवाइजर विजय कुमार देव ने सभी अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को बजट के संबंध में साफ दिशा निर्देश जारी कर दिए। एडवाइजर ने कहा कि हर विभाग सितंबर तक अपना 50 प्रतिशत बजट खर्च करे। खासकर इंजीनियरिंग विभाग को विशेष तौर पर नसीहत दी। इंजीनियरिंग विभाग को दूसरे सभी विभागों से अधिक बजट मिला है।
पिछले साल भी इंजीनियरिंग विभाग का काफी बजट खर्च नहीं हो पाया था। इस साल मंत्रालय से प्रशासन को प्लान हेड में 700 करोड़ रुपये का बजट मिला है। जो पिछले साल से 160 करोड़ रुपये कम है। वहीं नॉन प्लान में 2834 करोड़ रुपये का बजट मिला है। इतना ही नहीं एडवाइजर ने पिछले बचे बजट को 20 मार्च तक खर्च करने के आदेश भी दिए।
सितंबर में वित्त मंत्रालय बजट खर्च की रिपोर्ट लेता है। उसी रिपोर्ट के आधार पर अगले छह महीनों का रिवाइज्ड बजट तय होता है। पिछले साल बजट खर्च रिपोर्ट के बाद प्रशासन के 226 करोड़ काट लिए गए थे। एडवाइजर ने स्पष्ट कहा कि जो विभाग इस टाइम लाइन में अपना बजट नहीं खर्च पाएंगे, उनके विभागाध्यक्षों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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ये विभाग थे फिसड्डी
पिछले साल सबसे कम बजट खर्च कर पाने वाले विभागों की सूची में इंजीनियरिंग और परिवहन सबसे उपर थे। बजट मिलने के बाद प्रशासन की यह पहली मीटिंग थी।
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पिछले साल भी इंजीनियरिंग विभाग का काफी बजट खर्च नहीं हो पाया था। इस साल मंत्रालय से प्रशासन को प्लान हेड में 700 करोड़ रुपये का बजट मिला है। जो पिछले साल से 160 करोड़ रुपये कम है। वहीं नॉन प्लान में 2834 करोड़ रुपये का बजट मिला है। इतना ही नहीं एडवाइजर ने पिछले बचे बजट को 20 मार्च तक खर्च करने के आदेश भी दिए।
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सितंबर में वित्त मंत्रालय बजट खर्च की रिपोर्ट लेता है। उसी रिपोर्ट के आधार पर अगले छह महीनों का रिवाइज्ड बजट तय होता है। पिछले साल बजट खर्च रिपोर्ट के बाद प्रशासन के 226 करोड़ काट लिए गए थे। एडवाइजर ने स्पष्ट कहा कि जो विभाग इस टाइम लाइन में अपना बजट नहीं खर्च पाएंगे, उनके विभागाध्यक्षों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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ये विभाग थे फिसड्डी
पिछले साल सबसे कम बजट खर्च कर पाने वाले विभागों की सूची में इंजीनियरिंग और परिवहन सबसे उपर थे। बजट मिलने के बाद प्रशासन की यह पहली मीटिंग थी।