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बजट 2019: हाईकोर्ट के वकील नाखुश, बोले- न्यायालय, न्याय प्रणाली और हमारे लिए नहीं कोई प्रावधान
Sat, 06 Jul 2019 12:25 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 06 Jul 2019 12:25 PM IST
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फाइल फोटो
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए मोदी सरकार 2 के पहले पूर्ण बजट से हाईकोर्ट के वकील खुश नहीं हैं, क्योंकि इसमें उनके लिए, न्यायालय और न्याय प्रणाली के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया।
देश की अर्थव्यवस्था को देखते हुए बजट में अहम प्रावधान किए गए हैं। छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने का कदम रोजगार पैदा करने वाला है। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर मिलने वाला लाभ देश को सही दिशा में लेकर जाने वाला कदम है। कभी भी बजट में न्यायालय और न्याय प्रणाली को प्रमुखता से नहीं रखा जाता जो निराशा पैदा करने वाला है। सरकार को इस दिशा में सोचते हुए अगले बजट में इसका प्रावधान करना चाहिए।
- संसार कुंडू, एडवोकेट
बजट से उम्मीद थी कि लंबित मामलों का निपटारा करने के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए जाएंगे। बजट में ऐसा नहीं रहा ऐसे में एक वकील होने के नाते मेरे लिए बजट निराशाजनक रहा। हालांकि उम्मीद है कि आगामी वर्षों में इसको ध्यान में रखते हुए न्याय व्यवस्था को तेज करने के लिए विशेष प्रावधान होंगे।
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- संदीप शर्मा, एडवोकेट
बजट वैसे तो संतुलित है लेकिन हमे उम्मीद थी कि बजट में वकीलों और उनके भविष्य को लेकर विशेष प्रावधान होंगे। ऐसा कोई प्रावधान इसमें नहीं रहा जो निराशा का विषय है। हालांकि मध्यम वर्ग के लोगों का इस बजट में ध्यान रखा गया है और लगभग हर वर्ग के लोगों का ध्यान रखा गया है।
- मोहम्मद अरशद, एडवोकेट
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देश की अर्थव्यवस्था को देखते हुए बजट में अहम प्रावधान किए गए हैं। छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने का कदम रोजगार पैदा करने वाला है। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर मिलने वाला लाभ देश को सही दिशा में लेकर जाने वाला कदम है। कभी भी बजट में न्यायालय और न्याय प्रणाली को प्रमुखता से नहीं रखा जाता जो निराशा पैदा करने वाला है। सरकार को इस दिशा में सोचते हुए अगले बजट में इसका प्रावधान करना चाहिए।
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- संसार कुंडू, एडवोकेट
बजट से उम्मीद थी कि लंबित मामलों का निपटारा करने के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए जाएंगे। बजट में ऐसा नहीं रहा ऐसे में एक वकील होने के नाते मेरे लिए बजट निराशाजनक रहा। हालांकि उम्मीद है कि आगामी वर्षों में इसको ध्यान में रखते हुए न्याय व्यवस्था को तेज करने के लिए विशेष प्रावधान होंगे।
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- संदीप शर्मा, एडवोकेट
बजट वैसे तो संतुलित है लेकिन हमे उम्मीद थी कि बजट में वकीलों और उनके भविष्य को लेकर विशेष प्रावधान होंगे। ऐसा कोई प्रावधान इसमें नहीं रहा जो निराशा का विषय है। हालांकि मध्यम वर्ग के लोगों का इस बजट में ध्यान रखा गया है और लगभग हर वर्ग के लोगों का ध्यान रखा गया है।
- मोहम्मद अरशद, एडवोकेट
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बजट में हर तबके के लोगों का ध्यान रखा गया है। यह प्रयास किया गया है कि मध्यम वर्ग पर बहुत अधिक बोझ न पड़े। 5 लाख तक की आय को कर मुक्त रखना सराहनीय कदम है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स छूट से लेकर असंगठित वर्ग के लिए पेंशन का प्रावधान सराहनीय कदम हैं।
- विकास चतरथ, एडवोकेट
बजट अब तक का सबसे अच्छा बजट है लेकिन न्याय मिलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान होने चाहिए। मामलों को श्रेणियों में बांट इनके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए विशेष प्रावधान बजट में किया जाना चाहिए ऐसा सुझाव है।
- लेखराज शर्मा, एडवोकेट
बजट में उद्योगों को लेकर किए गए प्रावधान देश में रोजगार पैदा करने वाले हैं। बेरोजगारी को दूर करने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उन्हें कर्ज की उपलब्धता करवाना देश की अर्थ व्यवस्था को भी बेहतर बनाएगा। साथ ही कर का बोझ मध्यम वर्ग पर न डालकर केवल अमीरों पर इसे डाला गया है। बजट बेहद संतुलित है और दूरदृष्टि के साथ इसे भविष्य को लेकर तैयार किया गया है।
- अरुण सिंगला, एडवोकेट
- विकास चतरथ, एडवोकेट
बजट अब तक का सबसे अच्छा बजट है लेकिन न्याय मिलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान होने चाहिए। मामलों को श्रेणियों में बांट इनके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए विशेष प्रावधान बजट में किया जाना चाहिए ऐसा सुझाव है।
- लेखराज शर्मा, एडवोकेट
बजट में उद्योगों को लेकर किए गए प्रावधान देश में रोजगार पैदा करने वाले हैं। बेरोजगारी को दूर करने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उन्हें कर्ज की उपलब्धता करवाना देश की अर्थ व्यवस्था को भी बेहतर बनाएगा। साथ ही कर का बोझ मध्यम वर्ग पर न डालकर केवल अमीरों पर इसे डाला गया है। बजट बेहद संतुलित है और दूरदृष्टि के साथ इसे भविष्य को लेकर तैयार किया गया है।
- अरुण सिंगला, एडवोकेट